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खुद को मठाधीश ना समझें एसएचओ व एसओ : राज्य को अपराधा मुक्त बनाने के मिशन को करें पूरा

डीआईजी रिद्धिम अग्रवाल की अध्यक्षता में अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित
हल्द्वानी ।पुलिस महानिरीक्षक कुमायूँ परिक्षेत्र श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल की अध्यक्षता में अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित हुई। बैठक में कुमायूँ रेंज के सभी एसएसपी/एसपी, राजपत्रित अधिकारी एवं क्षेत्राधिकारीगण उपस्थित रहे।बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों का निस्तारण, महिला शवों की शिनाख्त, गुमशुदगी, नशा विरोधी अभियान, विवेचना की गुणवत्ता और आगामी त्योहारों व छात्रसंघ चुनावों की कानून-व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे अज्ञात महिला शवों की शिनाख्त अभियान की गहन समीक्षा करते हुए डीएनए प्रोफाइलिंग, फेस रिकग्निशन तकनीक, फोटो प्रसार व स्थानीय मीडिया/सोशल मीडिया का सहयोग लेने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा किसी शव की पहचान अधर में नहीं रहनी चाहिए, हर पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।1 जून 2025 से चल रहे लंबित वाहनों के निस्तारण अभियान की समीक्षा के दौरान एक माह के भीतर सभी लंबित वाहन न्यायालय की अनुमति से नीलामी/स्क्रैपिंग प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। आईजी ने कहा थानों के मालखानों में पड़े वाहन डेड स्टॉक नहीं हैं, यह न्यायिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता का प्रतीक है। उन्होंने 2015 तक के लंबित एनडीपीएस माल शीघ्र निस्तारित करने के आदेश दिए।अदालतों के आदेशों के अनुरूप डिस्पोजल हेतु विशेष ड्राइव चलाने के निर्देश दिए।गुमशुदगी मामलों को सर्वाच्च प्राथमिकता पर रखते हुए केस ऑफिसर स्कीम लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने विवेचना, क्षेत्राधिकारियों का कार्य एवं लंबित विवेचनाओं पर नाराजगी जताई और कहा बहाने नहीं, नतीजे चाहिए। प्रत्येक क्षेत्राधिकारी को साप्ताहिक बैठक आयोजित कर विवेचनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करें। बैठक में प्रहलाद नारायण मीणा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नैनीताल ऑनलाईन, मणिकान्त मिश्रा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, ऊधमसिंहनगर, देवेन्द्र पींचा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अल्मोड़ा, अजय गणपति पुलिस अधीक्षक, चम्पावत,श्रीमती रेखा यादव पुलिस अधीक्षक, पिथौरागढ़,चन्द्रशेखर घोडके पुलिस अधीक्षक, बागेश्वर, सुश्री निहारिका तोमर एसपी क्राइम रुद्रपुर तथा अन्य राजपत्रित अधिकारी मौजूद रहे ।इससे पूर्व आईजी ने सभी थाना प्रभारियों के साथ ऑनलाइन गोष्ठी लेकर आगामी छात्र संघ चुनाव, नन्दा अष्टमी एवं वारावफात के दौरान शांति व सुरक्षा व्यवस्था को सर्वाच्च प्राथमिकता देने के कड़े निर्देश दिये। छात्र संघ चुनाव, नन्दा अष्टमी एवं वाराफात पर विशेष फोकस करते आईजी ने निर्देशित किया कि आगामी छात्र संघ चुनाव को सकुशल सम्पन्न कराया जाये। चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की गुंडा-पर्वर्ती अथवा अवांछनीय गतिविधि न हो, इसके लिए प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि गुंडा तत्व किसी भी प्रकार के हथियार लाठी, डंडा, पिस्टल अथवा तमंचा उठाने से पहले 10 बार सोचें, ऐसा भय और नियंत्रण पुलिस की सख्त कार्यवाही से ही सम्भव है। यदि चुनाव के दौरान फायरिंग अथवा कोई अन्य गंभीर आपराधिक घटना घटित होती है और उसमें पुलिस की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित थाना प्रभारी के विरुद्ध 24 घंटे के भीतर निलंबन की कार्यवाही तय होगी।आईजी ने कहा कि नन्दा देवी मेले की तैयारियों में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने विशेष रूप से हरिद्वार की मंशा देवी जैसी दुखद घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने के निर्देश दिये। पार्किंग, सीसीटीवी, बिजली की तारों की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण आदि व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सम्बन्धित विभाग से एफिडेविट के रूप में सुनिश्चित करायी जाये।उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि पूर्व में दिये गये आदेशों के बावजूद कई थाना प्रभारियों द्वारा सिर्फ कागजों में खानापूर्ति की जा रही है। इसे अस्वीकार्य बताते हुए पुनः कड़े लहजे में कहा गया कि बीडीएस, क्यूआरटी व डॉग स्क्वाड के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में प्रभावी गश्त व चेकिंग अवश्य करायी जाये। उन्होंने पुलिस मुख्यालय से प्राप्त विभिन्न अभियानों की जानकारी व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक थाना प्रभारी से ली तथा उनके अनुपालन के लिए एक माह की समय-सीमा तय की। उन्होंने अज्ञात शवों की शिनाख्त में खानापूर्ति न करने और डीएनए व फिंगर प्रिंट जैसी वैज्ञानिक कार्यवाहियों को अनिवार्य रूप से अपनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि चिटफंड, कमेटी, किटी पार्टी अथवा किसी भी संस्था के नाम पर बड़े पैमाने पर जनता का धन हड़पने वाले व्यक्तियों की एक सूची तैयार कर अगले दो माह में जनपद प्रभारियों को उपलब्ध करायी जाये, ताकि उनके विरुद्ध ठोस कानूनी कार्यवाही हो और जनता का पुलिस पर विश्वास और मजबूत हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिशन संवाद प्रत्येक पुलिस कर्मी के लिए है। पुलिस बल की मानसिक समस्याओं और तनाव को कम करने के लिए विशेष एप तैयार किया गया है, जिसका उपयोग कर कर्मियों को राहत एवं परामर्श उपलब्ध कराया जायेगा। जनता अपराध-मुक्त वातावरण चाहती है। पुलिस पर जनता का विश्वास तभी कायम रहेगा जब हम अपराधियों के खिलाफ ठोस और त्वरित कार्रवाई करेंगे। किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। अपराध नियंत्रण ही हमारी सर्वाच्च प्राथमिकता है।

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