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मंत्रिमण्डल की बैठक में 26 प्रस्ताव पारित: अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण और धर्मांतरण कानून में अधिकतम सजा 10 साल से बढ़ाकर 14 साल

देहरादून(उद संवाददाता)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कुल 26 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई, जिनमें अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण और धर्मांतरण कानून को और कड़ा करने के फैसले प्रमुख रहे। बैठक में तय किया गया कि अब अग्निवीरों को सेवाकाल पूरा होने के बाद समूह-ग के वर्दीधारी पदों की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा। हालांकि, इसके लिए उनका उत्तराखंड का मूल निवासी या स्थायी निवासी होना अनिवार्य होगा। सरकार का अनुमान है कि अगले वर्ष रिटायर होने वाले अग्निवीरों के लिए 850 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह निर्णय देश की सेवा करने वाले युवाओं के सम्मान और पुनर्वास की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके साथ ही, बैठक में धर्मांतरण कानून को और कड़ा करने के लिए अधिनियम में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। संशोधन के तहत अधिकतम सजा 10 साल से बढ़ाकर 14 साल कर दी गई है, जबकि कुछ गंभीर मामलों में यह 20 साल तक हो सकती है। इसके अलावा, जुर्माना राशि 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का भी निर्णय लिया गया। सरकार का कहना है कि यह कदम राज्य में अवैध धर्मांतरण की रोकथाम के लिए सख्त कानूनी ढांचा तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सूत्रें के अनुसार, कैबिनेट के शेष प्रस्तावों में विभिन्न विकास परियोजनाओं, प्रशासनिक सुधारों और जनहित से जुड़े कई मुद्दों को भी स्वीकृति दी गई।

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