गुलदार के हमले में महिला और युवक गंभीर घायल, दहशत और आक्रोश का माहौल
श्रीनगर/रुद्रप्रयाग। पहाड़ी क्षेत्रें में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को पौड़ी जिले के श्रीनगर क्षेत्र और रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि ब्लॉक में गुलदार ने दो अलग-अलग स्थानों पर हमला कर एक युवक और एक महिला को गंभीर रूप से घायल कर दिया। दोनों घटनाओं से स्थानीय जनमानस में भारी दहशत और आक्रोश का माहौल है। पहली घटना श्रीनगर के गंगादर्शन क्षेत्र के समीप हुई, जहां मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह बजे झाड़ियों में छिपे गुलदार ने शौच के लिए जा रहे एक युवक पर अचानक झपट्टा मार दिया। घायल युवक 32 वर्षीय संदीप कुमार निवासी रुड़की इन दिनों श्रीनगर क्षेत्र में रह रहा था। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे संयुक्त अस्पताल श्रीनगर पहुंचाया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे श्रीकोट स्थित बेस अस्पताल रेफर कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार संदीप के शरीर पर गहरे पंजों के निशान हैं और अत्यधिक रक्तस्राव के चलते उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। उधर रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि ब्लॉक अंतर्गत धान्यों गांव में सोमवार देर रात एक गुलदार ने घर के भीतर सो रही महिला पर हमला कर दिया। हमले के दौरान गुलदार ने लकड़ी का दरवाजा तोड़कर महिला को कमरे से बाहर खींचने का प्रयास किया। शोर सुनकर महिला के पति ने साहस दिखाते हुए लाठी से गुलदार पर हमला कर किसी तरह पत्नी को छुड़ाया। घायल महिला कुशला देवी को गंभीर हालत में अगस्त्यमुनि अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुलदार के नुकीले पंजों से महिला के चेहरे और नाक पर गहरे घाव हुए हैं। अगस्त्यमुनि क्षेत्र में बीते एक सप्ताह के भीतर यह गुलदार का दूसरा हमला है। इससे पहले एक अन्य महिला को गौशाला में गुलदार ने घायल कर दिया था। वहीं श्रीनगर के गंगादर्शन क्षेत्र में भी बीते दिनों दो अलग-अलग व्यक्तियों पर गुलदार हमला कर चुका है। लगातार हो रहे इन हमलों से ग्रामीणों में भय का माहौल है। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शाम ढलते ही घरों में कैद हो जाते हैं, जबकि अकेले बाहर निकलना अब मुश्किल हो गया है। श्रीनगर क्षेत्र के निवासियों ने बताया कि गंगादर्शन मार्ग और आसपास के इलाकों में शाम होते ही सन्नाटा पसर जाता है। वहीं अगस्त्यमुनि के ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग गुलदार को शीघ्र पकड़ने के लिए पिंजरा लगाए और क्षेत्र में गश्त बढ़ाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। वन विभाग के अधिकारियों ने दोनों मामलों की पुष्टि करते हुए बताया कि क्षेत्र में पिंजरे लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और कैमरे भी लगाए जाएंगे, ताकि गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
