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सैन्य बाहुल्य पिथौरागढ़ की प्रगति और सैनिकों के कल्याण हेतु राज्यपाल ने भरा जोश

पिथौरागढ़ । राज्यपाल लेफ्टनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने पंचशूल ब्रिगेड की 12 कुमाऊँ में भारतीय सेना द्वारा आयोजित भूतपूर्व सैनिकों की रैली एवं सैनिक परिवारों के कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने जोरावर साइकिल रैली का झंडी दिखाकर समापन किया और प्रतिभागियों से परिचय प्राप्त कर उनका मनोबल बढ़ाया। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने वहां उपस्थित वेटरन्स एवं वीर नारियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित भी किया। पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारतीय सेना का प्रत्येक जवान एक स्वाभाविक नेतृत्वकर्ता होता है। उन्होंने इस नेतृत्व क्षमता का उपयोग समाज हित में करते हुए सकारात्मक बदलाव लाने का आ“वान किया। राज्यपाल ने पिथौरागढ़ मिलिट्री स्टेशन को उत्तराखण्ड के सभी सैन्य स्टेशनों में उत्कृष्ट बताते हुए जनपद में पर्यटन की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 40 हजार पर्यटक पिथौरागढ़ आए हैं और आने वाले वर्षों में यह संख्या लाखों तक पहुंचने की उम्मीद है। पिथौरागढ़ को महादेव की पवित्र धरती बताते हुए उन्होंने कहा कि आदि कैलाश एवं ओम पर्वत जैसे धार्मिक स्थल पर्यटन को विश्व स्तर पर नई पहचान दिला रहे हैं।सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए राज्यपाल ने भारत सरकार की वाइब्रेंट विलेज पहल की सराहना की और इसे मील का पत्थर बताया। उन्होंने क्षेत्र में हनी, अरोमा एवं मिलेट्स के क्षेत्र में हो रही प्रगति को एक बड़ी क्रांति करार दिया जो स्थानीय आजीविका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्यपाल ने सेवानिवृत्त सैनिकों को होम स्टे संचालित करने और सैनिक परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने वन रैंक वन पेंशन योजना के लाभों के लिए भारत सरकार का आभार व्यक्त किया और स्वर्गीय जनरल बीसी जोशी के योगदान को याद करते हुए आर्मी पब्लिक स्कूल की स्थापना हेतु उनका धन्यवाद किया।राज्यपाल के आगमन पर जीओसी इन सी सेंट्रल कमांड लेफ्रिटनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, जीओसी उत्तर भारत एरिया लेफ्रिटनेंट जनरल डीजी मिश्रा, जीओसी उत्तराखण्ड सब एरिया मेजर जनरल एमपीएस गिल सहित ब्रिगेडियर्स एवं अन्य सैन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक और उनके परिजन उपस्थित रहे।

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