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मुख्यमंत्री व विधायक की घोषणाएं हवा हवाई

प्रमोद धींगरा
रुद्रपुर।महानगर का ट्रांजिट कैंप क्षेत्र का मुख्य मार्ग अपनी निरन्तर दुर्दशा व अनदेखी के कारण आंसू बहाने को मजबूर हो चुका है। प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व क्षेत्रीय विधायक राजकुमार ठुकराल ने इस मार्ग के निर्माण की कई बार घोषणा की हैं लेकिन क्षेत्र की जनता को आज तक निराशा ही हाथ लगी है। क्षेत्र का मुख्य मार्ग पिछले करीब एक दशक से जर्जर हालत में है जहां हल्की सी बारिश में भी जलभराव हो जाता है। टूटी फूटी सड़क और ऊपर से जलभराव हो जाने से सैकड़ों दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इस मार्ग पर जलभराव के दौरान पैदल चलना तो दूर वाहनों के साथ भी गुजरना जोखिम भरा हो जाता है। ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में दर्जनों स्कूल मौजूद हैं जहां हजारों की संख्या में छात्र छात्रएं प्रतिदिन पैदल स्कूल आते जाते हैं। वर्षा के दौरान उन्हें जलभराव से होकर गुजरना पड़ता है। कई छात्र छात्रएं इस दौरान चोटिल भी हो चुके हैं। ऐसा भी नहीं कि शासन प्रशासन एवं स्थानीय अधिकारी इस मार्ग की दुर्दशा से अनभिज्ञ हों लेकिन सिवाय योजना बनाने व क्षेत्रीय जनता को आश्वासन देने के अलावा जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों द्वारा और कोई कार्य नहीं किया गया। क्षेत्र की जनता ने कई बार मार्ग के निर्माण को लेकर धरना प्रदर्शन भी किये। मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने सड़क निर्माण शीघ्र प्रारम्भ करने का आश्वासन भी दिया लेकिन इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी सड़क का निर्माण कार्य प्रारम्भ नहीं हुआ। हालांकि क्षेत्रीय विधायक राजकुमार ठुकराल ने जलभराव की समस्या के समाधान के लिए कुछ समय पूर्व मिट्टी भरान कराया था लेकिन आज मिट्टी भी पूरी तरह से नदारद हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मोदी मैदान में आयोजित जनसभा से पूर्व क्षेत्रीय विधायक द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष ट्रांजिट कैंप के मुख्य मार्ग के निर्माण कार्य की समस्या भी उठायी गयी लेकिन जिस प्रकार से मुख्यमंत्री द्वारा उनकी बात को अनसुना किया गया निश्चित रूप से मुख्यमंत्री का क्षेत्र की उपेक्षा दर्शाता है। बेहतर होता कि मुख्यमंत्री मौके पर मौजूद अधिकारियों को मार्ग निर्माण के लिए तत्काल आदेश देते जिससे मुख्यमंत्री की भी वाहवाही होती और क्षेत्र की जनता में भी मार्ग निर्माण होने की एक नई आशा जागती लेकिन मुख्यमंत्री ने यह सुनहरा अवसर भी गंवा दिया। एक ओर जहां कांग्रेस के स्थानीय नेता मार्ग निर्माण को लेकर निरन्तर आंदोलित हैं तो वहीं भाजपा के नेता व कार्यकर्ता भी मार्ग निर्माण के लिए शासन प्रशासन तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं लेकिन उनकी मांग को दबा दिया जा रहा है। यदि शासन प्रशासन ने ट्रांजिट कैंप के मुख्य मार्ग सहित गंगापुर रोड, शिमला बहादुर रोड के पुननिर्माण के लिए तत्काल धरातल पर कार्य प्रारम्भ नहीं किये तो आगामी लोकसभा चुनाव में सत्तारूढ़ दल को इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है। सड़क नहीं बनने से नाराज क्षेत्र के लोगों का सरकार से मोह भंग होता जा रहा है लोगों का कहना है कि भाजपा नेता चुनाव के समय झूठी घोषणाएं करते हैं और उसके बाद सब भूल जाते हैं। गुस्साए लोगों ने कहा कि जो मुख्यमंत्री घोषणा करने के बाद भी एक सड़क नहीं बना सकता उसे सीएम बने रहने का कोई अधिकार नहीं।

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