खुद को देश सेवा के लिए समर्पित करें युवाः प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने 77 वें गणतंत्र दिवस पर पुलिस लाईन में किया झंडारोहण
गणतंत्र दिवस पर प्रस्तुत झांकियों ने मोहा मन
रूद्रपुर । देश के युवा वर्ग को खुद को देश सेवा और समाज के प्रति अपने दायित्वों को निभाने के लिए समर्पित कर देना चाहिए। यह बात प्रदेश के काबीना मंत्री व जनपद उधमसिंह नगर प्रभारी गणेश जोशी ने आज 77 वें गणतंत्र दिवस पर पुलिस लाईन आयोजित कार्यक्रम में झंडारोहण करने के पश्चात सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें देते हुए अपने सम्बोधन में कही। उन्होंने कहा कि देश व राज्य का भविष्य युवा वर्ग के हाथों में ही बेहतर बन सकता है। उन्होंने कहा कि जहां देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विश्व में अपनी विशेष पहचान बनाकर निरंतर विकास की ओर अग्रसर हो रहा है और आत्मनिर्भता की ओर तेजी से बढ़ रहा है तो वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुआई में प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू कर आम जनता तक इसका लाभ पहुंचाया जा रहा है। श्री जोशी ने कहा कि प्रदेश सरकार जनहित में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, आवास, सड़क, महिला सशक्तिकरण, चाय बागवान, पर्यटन, कृषि, उद्योग, आपदा आदि क्षेत्रें में निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश का किसान विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर लगातार तरक्की कर रहा है। साथ ही केन्द्र सरकार द्वारा भी पात्र किसानों के खातों में धनराशि भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि देवभूमि राज्य के खाद्य उत्पाद अपनी पौष्टिकता से देश विदेश में पहचान बना रहे है। वीबी रामजी ग्रामीण रोजगार योजना से किसान लाभान्वित हो रहे है। इससे पूर्व श्री जोशी का कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर जिलाधिकारी नितिन भदौरिया व एएसएपी मणिकांत मिश्रा आदि ने स्वागत किया। काबीना मंत्री गणेश जोशी ने परेड़ की सलामी ली और रंगबिरंगे गुब्बारे उड़ाये। जिसके बाद पुलिस टीम द्वारा मुख्य अतिथि को मार्चपास्ट कर सलामी दी गई। जिसमें सीपीयू, यातायात, अग्निशमन, पुलिस संचार, राज्य आपदा प्रतिवादन बल, बम निरोधक दस्ता आदि विभागों के जवान शामिल हुए। तत्पश्चात विभिन्न विभागों की झाकिंया प्रदर्शित की गई जिनमें कृषि, उद्यान, पशुपालन, स्वास्थ्य, महिला कल्याण एवं बाल विकास, समाज कल्याण, ग्राम्य विकास, मत्स्य, शिक्षा, डेयरी, ग्रामोद्योग,आंचल, अक्षय उर्जा, एआरटीओ, गन्ना, आपदा प्रबंधन आदि विभागों की झाकियां शामिल थीं।


