डंपर की टक्कर से महिला की मौत, पति गंभीर
बेलगाम डंपरों के खिलाफ कांग्रेसियों ने एसडीएम कार्यालय पर दिया धरना, पुलिस पर उठाए सवाल
किच्छा (उद संवाददाता)। कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत एनएच 74 पर इनटॉर्च के सामने एक तेज रफ्तार डंपर ने मोटरसाइकिल सवार दंपति को बुरी तरह रौंद दिया। इस दर्दनाक हादसे में पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पति गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, दिनेश वैद्य अपनी पत्नी कविता निवासी जोशी कॉलोनी, न्यूरिया, पीलीभीत के साथ दिनेशपुर में अपनी रिश्तेदारी से वापस घर लौट रहे थे। जैसे ही वे एनएच 74 पर इनटॉर्च के समीप पहुंचे, पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित डंपर ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को अपने वाहन से सरदार वल्लभभाई पटेल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किच्छा पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद कविता को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल दिनेश का उपचार शुरू किया गया। सड़क हादसे की सूचना मिलते ही किच्छा पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटना करने वाले डंपर को जब्त कर लिया। पुलिस फरार चालक की तलाश कर रही है। वहीं, क्षेत्र में भारी वाहनों से लगातार हो रहे सड़क हादसों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गहरा रोष व्याप्त है। विधायक प्रतिनिधि गौरव बेहड़ के नेतृत्व में तमाम कार्यकर्ताओं ने उप जिलाधिकारी कार्यालय के सम्मुख धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन बेलगाम डंपरों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश डंपर बिना सह-चालक के चलाए जा रहे हैं और यातायात नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिससे आम जनता की जान खतरे में है। धरना प्रदर्शन में निवर्तमान अध्यक्ष दर्शन कोली, व्यापारी नेता गुलशन सिंधी, ओम प्रकाश पप्पू, जीवन जोशी, एनयू खान, डिंपल धांजू, दानिश मलिक, दलजीत सिंह, जैद खान, फरियाद शाह, रिजवान निक्की, दीप हंसपाल, फजिल खान, रणजीत, हरभजन सिंह, धर्मेंद्र सिंधी, मंगली प्रसाद, जगरूप सिंह गोल्डी और दलीप सिंह बिष्ट सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। कांग्रेसियों ने मांग की है कि भारी वाहनों के संचालन पर सख्त रोक लगाई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
