उत्तराखंड की ‘हिमालयन ट्राउट’ का दुबई में जलवा : दुबई में आयोजित वैश्विक खाद्य प्रदर्शनी ‘गल्फ फूड 2026’ में उत्तराखंड के उत्पादों को जबरदस्त सराहना
हर महीने 20 टन मछली की मांग
शक्तिफार्म/सितारगंज। उत्तराखंड की हिमालयन ट्राउट मछली अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाने के लिए तैयार है। संयुक्त अरब अमीरात यूएई के दुबई में आयोजित वैश्विक खाद्य प्रदर्शनी ‘गल्फ फूड 2026’ में उत्तराखंड के उत्पादों को जबरदस्त सराहना मिली है। विशेष रूप से हिमालयन ट्राउट ने विदेशी खरीदारों को इस कदर प्रभावित किया है कि वहां से हर महीने लगभग 20 टन मछली की मांग सामने आई है। यूएई दौरे पर मौजूद प्रदेश के पशुपालन, मत्स्य एवं गन्ना विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने दूरभाष पर बताया कि अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने के लिए सितारगंज में एक अत्याधुनिक एक्वा पार्क स्थापित किया जा रहा है। यहां ट्राउट मछली की प्रोसेसिंग और अंतरराष्ट्रीय स्तर की पैकेजिंग यूनिट लगाई जाएगी। इस यूनिट में मछली के 250 से 300 ग्राम के रेडी-टू-कुक पीस तैयार कर ग्लोबल मार्केट के लिए पैक किए जाएंगे। कैबिनेट मंत्री ने जानकारी दी कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में 3 किलोग्राम वजन की मछली की मांग अधिक है, जबकि वर्तमान में राज्य में औसत वजन 2 किलोग्राम तक है। इसे बढ़ाने के लिए सरकार मछली पालकों को अनुदान पर पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएगी। उन्होंने लक्ष्य निर्धारित किया है कि अगले 6 माह में निर्यात की सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी और 7 माह के भीतर 20 टन ट्राउट मछली का पहला कंटेनर यूएई भेजा जाएगा। मंत्री बहुगुणा ने कहा कि इस पहल से राज्य के मछली पालकों की आय में भारी वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। गल्फ फूड-2026 में सचिव डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम और गन्ना आयुक्त त्रिलोक सिंह मर्तोलिया सहित कई उच्चाधिकारी भी निवेशकों के साथ चर्चा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’ मंत्र को साकार करते हुए राज्य सरकार का लक्ष्य देवभूमि की ट्राउट को एक ‘ग्लोबल ब्रांड’ बनाना है। आने वाले समय में उत्तराखंड की यह मछली दुबई के रास्ते दुनिया भर की थाली तक पहुंचेगी।

