केंद्र से वित्तीय प्रबंधन में दक्षता के लिए उत्तराखंड को मिले 350 करोड़ रुपये
देहरादून । उत्तराखंड ने वित्तीय प्रबंधन और राजकोषीय अनुशासन के मोर्चे पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार ने राज्य को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना ;एसएए ससीआईद्ध के तहत वित्तीय प्रबंधन में दक्षता के लिए 350 करोड़ रुपये की भारी-भरकम प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की है। यह धनराशि उत्तराखंड द्वारा अपनाए गए सुदृढ़ आर्थिक ढांचे और पारदर्शी कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष परिणाम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार प्रकट करते हुए इसे राज्य के सुशासन की जीत बताया है।गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड ने अपने राजस्व स्रोतों को मजबूत करने और अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाने के लिए कई कठोर कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य ने कर संग्रह बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया है और डिजिटल भुगतान प्रणाली को पूरी तरह सशक्त किया है। बजटीय प्रबंधन में किए गए व्यापक सुधारों के कारण ही उत्तराखंड आज राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है। यह महज एक संयोग नहीं है कि उत्तराखंड को लगातार केंद्र से प्रोत्साहन मिल रहा है। इससे पहले राज्य को खनन क्षेत्र में क्रांतिकारी सुधार लाने, ई-टेंडरिंग को अनिवार्य करने और परिवहन विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए भी केंद्र सरकार से विशेष पुरस्कार और धनराशि प्राप्त हो चुकी है।विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड का यह सुधार आधारित शासन मॉडल न केवल राज्य की )ण निर्भरता को कम करेगा, बल्कि आने वाले समय में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए अतिरिक्त संसाधन भी जुटाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार विकास भी विरासत भी के मूल मंत्र पर काम कर रही है। केंद्र सरकार से मिलने वाला यह सहयोग प्रदेश की बड़ी विकास परियोजनाओं को गति देने में मील का पत्थर साबित होगा। 350 करोड़ की यह नई प्रोत्साहन राशि राज्य के आत्मविश्वास को बढ़ाएगी और यह सुनिश्चित करेगी कि उत्तराखंड आगामी वर्षों में देश के अग्रणी और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर राज्यों की श्रेणी में मजबूती से खड़ा हो सके।
