‘सीएम धामी’ के नेतृत्व में उत्तराखंड ने रचा ‘नया इतिहास’
निर्यात तैयारी सूचकांक में शिखर पर काबिज हुआ उत्तराखंड,छोटे राज्यों की श्रेणी में देशभर में प्राप्त किया पहला स्थान, मुख्यमंत्री ने दी राज्य वासियों को बधाई
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उद्योग समर्थक नीतियों, मजबूत इंफ्ास्ट्रक्चर और निर्यात को प्रोत्साहन देने की निरंतर कोशिश के चलते उत्तराखंड ने निर्यात के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। नीति आयोग की ओर से विगत दिनों जारी निर्यात तैयारी सूचकांक-2024 में उत्तराखंड शीर्ष पर काबिज होने में सफल रहा है। नीति आयोग की ओर से तैयार किए जाने वाले निर्यात तैयारी सूचकांक में छोटे राज्यों की श्रेणी में उत्तराखंड ने देश के अन्य छोटे राज्यों को पछाड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार राज्य में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए देने की दिशा में सतत प्रयत्नशील रही है और सरकार द्वारा निर्यातकों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ अवस्थापना सुविधाओं के लिए वित्तीय सहायता का प्रावधान भी किया गया है। जिसके परिणाम स्वरूप उत्तराखंड के सकल निर्यात में आशातीत वृद्धि हुई है। वर्ष 2011-12 में राज्य से कुल 3530 करोड़ का निर्यात होता था, जो 13 साल में बढ़ कर 15 हजार करोड़ पार गया है। वर्ष 2023-24 में राज्य की ओर से कुल 14928 करोड़ का निर्यात किया गया। बताना होगा कि प्रदेश में मोती, कीमती पत्थर तथा धातुओं का निर्यात सबसे अधिक किया जाता है। इसके अलावा रासायनिक उत्पाद, कृषि व बागवानी आधारित खाद्य पदार्थ, हर्बल उत्पाद, प्लास्टिक व रबड़ के अलावा मशीनरी उपकरण आदि के एक्सपोर्ट में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने इसे राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। मुख्यमंत्री धामी ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि-ष् नीति आयोग के निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 में छोटे राज्यों की श्रेणी में उत्तराखंड का शीर्ष स्थान प्राप्त करना राज्य के लिए गर्व का विषय है। यह हमारी सरकार की उद्योग समर्थक नीतियों, मजबूत इंफ्ास्ट्रक्चर और निर्यात को बढ़ावा देने की सतत कोशिशों का परिणाम है। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड के प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जाए, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ें और राज्य की अर्थव्यवस्था और सशक्त हो। इसके लिए सरकार समय- समय पर लॉजिस्टिक एवं निर्यात नीति की समीक्षा कर उसमें आवश्यक संशोधन करती रहती है?। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, निर्यात आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन है। इससे न केवल विदेशी मुद्रा अर्जित होन के साथ वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भागीदारी बढ़ती है और व्यापार घाटे को कम करने में मदद मिलती है। कुल मिलाकर उत्तराखंड का शीर्ष स्थान पर पहुंचना राज्य को निवेश और औद्योगिक विकास के नए अवसरों की ओर ले जाने वाला माना जा रहा है।
