मित्र पुलिस की ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ से हैरत में उधाम सिंह नगर
भाजपा विधायक को समय देकर भी कार्यालय में नहीं मिले एसएसपी, आग बबूला हुए गदरपुर विधायक,पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप,एसएसपी पर भी चलाए व्यंग्य बाण
देहरादून। जब से उत्तराखंड के पुलिस महकमे में स्मार्ट पुलिसिंग की परिकल्पना की गई है, तब से मित्र पुलिस के आला अफसर सूबे में गजब की स्मार्ट पुलिसिंग कर रहे हैं। वैसे तो उत्तराखंड में स्मार्ट पुलिसिंग के अजब गजब नमूने जहां-तहां सामने आते ही रहते हैं, लेकिन उधम सिंह नगर जनपद में पुलिस महकमे की तो बात ही निराली है। जनपद में आम आरोपियों के लिए गोली और सत्ता संरक्षण प्राप्त आरोपियों के लिए डोली, वाली पुलिसिंग तो एक अरसे से लगातार देखी ही जा रही है, लेकिन उधम सिंह नगर पुलिस ने अब एक अलग तरह की स्मार्ट पुलिसिंग भी आरंभ कर दी है । इसके तहत जिले की पुलिस के द्वारा व्यक्तियों को उनकी सामाजिक और राजनीतिक हैसियत के हिसाब से कानूनी उपचार दिए जा रहे हैं। हालांकि व्यक्ति की आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक हैसियत के हिसाब से पुलिस महकमा द्वारा कानूनी उपचार दिए जाने का रिवाज बहुत पुराना है, लेकिन जब अच्छा खासा राजनीतिक रसूख रखने वाले जनप्रतिनिधि को उसके राजनीतिक वजन के अनुसार तरजीह ना दी जाए ,जैसा कि बीते रोज एसएसपी कार्यालय में गदरपुर विधायक अरविंद पांडे के साथ हुआ, तो तनिक आश्चर्य होना लाजमी है। हुआ यह कि गदरपुर से पांचवीं बार निर्वाचित भाजपा विधायक अरविंद पांडे बीते रोज बुक्सा समाज के प्रतिनिधिमंडल के साथ उधम सिंह नगर पुलिस कप्तान से मुलाकात करने के लिए उनके कार्यालय पहुंचे थे और उन्होंने पुलिस कप्तान से मिलने के लिए बाकायदा समय भी लिया था। बकौल गदरपुर विधायक पुलिस कप्तान द्वारा उन्हें 11ः30 बजे मिलने के लिए बुलाया गया था, लेकिन जब वह पुलिस कप्तान से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे तो कप्तान साहब कार्यालय से नदारद थे। पुलिस कप्तान को कार्यालय में न पाकर गदरपुर विधायक और उनके समर्थक आग बबूला हो गए और पुलिस कप्तान कार्यालय परिसर में ही नारेबाजी आरंभ हो गई। ।देखते ही देखते मीडिया के लोगों ने गदरपुर विधायक को घेर लिया। मीडिया से बातचीत करते हुए गदरपुर विधायक ने पुलिस महकमें पर गंभीर आरोप लगाए और एसएसपी मणिकांत मिश्रा पर भी जमकर व्यंग्य बाण चलाए। गदरपुर विधायक के अनुसार गदरपुर में तकरीबन 11 महीना पहले बुक्सा जनजाति के आराध्य राजा जगत देव जी की प्रतिमा की बेअदबी करते हुए उसे क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। विधायक का आरोप है कि बुक्सा समाज के आराध्य की प्रतिमा से बेअदबी की इस घटना की रिपोर्ट पुलिस में कर दी गई थी, लेकिन पुलिस द्वारा कोई भी कार्यवाही नहीं की गई विधायक का यह भी आरोप था कि पुलिस जगत देव जी की प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने वालों को जानती पहचानती है और राजनीतिक दबाव के चलते उनकी गिरफ्तारी नहीं की जा रही है। गदरपुर विधायक ने प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने वालों की गिरफ्तारी न किए जाने के कारण को लेकर पुलिस को अपराधी तक घोषित कर दिया और उधम सिंह नगरएसएसपी पर भी तीखे व्यंग्य बाण चलाए। हालांकि गदरपुर के भाजपा विधायक एवं उनके समर्थकों का एसपी क्राइम निहारिका तोमर द्वारा ज्ञापन ले लिए जाने के बाद मामले का तात्कालिक पटाक्षेप हो गया ,मगर सत्ता पक्ष के विधायक की पुलिस द्वारा उपेक्षा और विधायक के पुलिस द्वारा कार्यवाही न करने के गंभीर आरोप के मध्य नजर उधम सिंह नगर जनपद की मित्र पुलिस की स्मार्ट पुलिसिंग पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है, साथ ही यह सोचने पर भी मजबूर कर दिया है कि जब जिले की पुलिस सत्ता पक्ष के विधायक को ही भाव नहीं दे रही है तो आम जनता के साथ न जाने कैसा सुलूक करती होगी ?
