February 13, 2026

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केदारनाथ में ‘पौराणिक परंपराओं’ के उल्लंघन पर ‘भड़के तीर्थ पुरोहित’

आरोप को निराधार बताते हुए बीकेटीसी अध्यक्ष ने कही दर्शनों के लिए एसओपी लाने की बात
केदारनाथ।प्रख्यात उद्योगपति मुकेश अंबानी का हालिया केदारनाथ भ्रमण केदारनाथ में एक नए विवाद को जन्म दे गया है ।बीते शुक्रवार को मुकेश अंबानी के केदारनाथ दौरे के तुरंत बाद केदार सभा ने बदरी केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष पर मंदिर की सदियों पुरानी परंपराओं के उल्लंघन का आरोप लगाया था और राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक पत्र लिखते हुए बीकेटीसी अध्यक्ष हटाने की मांग की थी। अब उत्तराखंड चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत भी केदार सभा के साथ आ खड़ी हुई है और उसने भी हेमंत द्विवेदी के खिलाफ झंडा बुलंद कर दिया है । दूसरी तरफ बीकेटीसी अध्यक्ष ने उन पर लगाए गए आरोपों का मजबूती से खंडन किया है। उल्लेखनीय है कि बीते शुक्रवार को केदारनाथ सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने कहा था कि बदरी केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष के रूप में जब से हेमंत द्विवेदी की नियुक्ति हुई है उनका व्यवहार ठीक नहीं है और उन्होंने कई विषयों पर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को हटाने की मांग की थी। इन आरोपों के अगले ही दिन केदार सभा के वरिष्ठ सदस्य और उत्तराखंड चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के उपाध्यक्ष संतोष त्रिवेदी ने एक बार फिर बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की कार्यशैली से नाराजगी जताई और सरकार से उन्हें पद से हटाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने ऐसा न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है। उनका आरोप है किबीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी केदारनाथ धाम में व्याप्त अव्यवस्थाओं और अनियमितताओं पर ध्यान देने के बजाय, परंपराओं को तोड़ने का काम कर रहे हैं। वीआईपी दर्शन के नाम पर यात्रियों से धन वसूला जा रहा है। आम श्रद्धालुओं को दर्शन नहीं हो पा रहे हैं। त्रिवेदी ने मुकेश अंबानी के केदारनाथ भ्रमण के दौरान हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि देश के उद्योगपति अंबानी के स्वागत में तीर्थ पुरोहितों और केदारनाथ के मुख्य पुजारी के सम्मान को ठेस पहुंचाई गई है। उनके द्वारा कहा गया कि केदारनाथ में आए किसी भी श्रद्धालु को आशीर्वाद देने और बाघंबर ओढ़ाने का अधिकार मंदिर के मुख्य पुजारी और पंडा पुरोहितों को है ,लेकिन मंदिर समिति के अध्यक्ष द्वारा खुद ही अंबानी को आशीर्वाद देकर बाघंबर ओढ़ाया गया जो कि परंपराओं के विपरीत है। इसके अलावा वीआईपी दर्शन को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं । वहीं केदार महासभा और चार धाम महा पंचायत के इन तमाम आरोपों का खंडन करते हुए बदरी केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने पूरे मामले पर कहा कि मंदिर समिति और केदार सभा एक दूसरे के पूरक हैं। दोनों ही उत्तराखंड के इन धामों में भक्त और भगवान के बीच में सेतु की जिम्मेदारी निभाते हैं। केदारनाथ में किसी भी तरह से पौराणिक धार्मिक परंपराओं का उल्लंघन नहीं हुआ है। गर्भ गृह में पंडा पुरोहित और जो भी पौराणिक परंपराएं हैं,उन्हीं परंपराओं के तहत अंबानी परिवार को पूजा करवाई गई। इस पूरी प्रक्रिया में मंदिर के गर्भ गृह में पुजारी पंडा पुरोहित लोग शामिल थे।उन्होंने आगे कहा कि कि चारों धामों में जब भी कोई गणमान्य व्यक्ति आता है तो बदरी केदार मंदिर समिति की भी यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वह इन गणमान्य लोगों का स्वागत करें। इसी के तहत उनके द्वारा मंदिर प्रांगण में बतौर मंदिर समिति अध्यक्ष अंबानी परिवार का स्वागत सम्मान किया गया। यह किसी भी तरह से पौराणिक परंपराओं का उल्लंघन नहीं है। वीआईपी दर्शन से संबंधित व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि वीआईपी दर्शन को लेकर जिस तरह से सवाल खड़े किए जा रहे हैं ,तो निश्चित तौर से वह इस व्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि उन्हें जिम्मेदारी मिलने से पहले से जो व्यवस्था थी, वही अब भी चल रही हैं। उनके अनुसार देश में मौजूद सभी सिद्ध मंदिरों में दर्शनों की एसओपी हैं और उसमें गणमान्य लोगों के दर्शन हों या फिर आम लोगों के,उसको लेकर स्पष्ट दिशा निर्देश पहले से ही जारी होते हैं। उसी तरह से उत्तराखंड के बदरी केदार धाम में भी व्यवस्था के लिए उनके द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। जहां तक बात केदार सभा के आरोपों का है तो वह सब हमारे परिवार के लोग हैं और परिवार के लोगों में नाराजगी आम बात है। उन्होंने कहा कि वह जल्दी सबसे मिल बैठकर उनकी जो भी शिकायतें हैं उन पर काम करेंगे।

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