प्राधिकरण के खिलाफ गरजे राज्य आन्दोलनकारी
रूद्रपुर (उद संवाददाता)। जिला विकास प्राधिकरण द्वारा ग्रामीण क्षेत्रें में निवास कर रहे परिवारों को नक्शा स्वीकृति के लिए दिए जा रहे नोटिस के खिलाफ आज राज्य आन्दोलनकारी एवं पूर्व दर्जा राज्य मंत्री हरीश पनेरू के नेतृत्व में अनेक राज्य आन्दोलनकारियों व ग्रामीणों ने विकास भवन पहुंचकर जिला विकास प्राधिकरण के विरूद्ध जोरदार प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा और सात दिनों में आपनी मांगों का समाधान न होने पर आन्दोलन करने का ऐलान किया। श्री पनेरू ने कहा कि वर्तमान में जिला विकास प्राधिकरण की प्रणाली आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन चुकी है। उन्होंने कहा कि तराई भावर क्षेत्र में प्लॉट खरीदने वाले अधिकांश परिवार पर्वतीय जिलो से आते हैं। ग्रामीण क्षेत्रें में विकसित छोटी कालोनियां ही इन परिवारों के लिए घर बनाने का सबसे सस्ता एक मात्र विकल्प है। यदि ग्रामीण क्षेत्रें में कालोनियां बंद कर दी गई तो हजारों परिवारों का अपना घर बनाने का सपना टूट जायेगा। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण ने बिना मानचित्र स्वीकृति के भवन को बिजला कनेक्शन देने पर रोक लगा दी है। जबकि करीब 50 प्रतिशत परिवार बिना रजिस्ट्री वाली जमीन पर रहते हैं। श्री पनेरू ने मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन में कहा कि ग्रामीण क्ष़्ोत्रें की छोटी कालोनियों को सरल प्रक्रिया से वैध घोषित किया जाये, डीडीए कों ग्रामीण क्षेत्रें में नोटिस व सीलिंग करने से रोका जाये, गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों पर नोटिस सीलिंग दबाव की नीति बंद की जाये, नक्शा पास कराने में हो रही रिश्वत खोरी की जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाये, पर्वतीय व मध्यम वर्गीय व परिवारों के लिए सस्ती व सरल आवास नीति लागू की जाये आदि की मांगे प्रस्तुत की हैं। उनका कहना है कि यदि 7 दिनों में प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो तालाबंदी, धरना प्रदर्शन, कार्यालय घेराव, भ्रष्ट अधिकारियों के विरूद्ध सार्वजनिक विरोध आन्दोलन किया जायेगा। जिसकी जिम्मेदारी जिला विकास प्राधिकरण अधिकारियों की होगी। प्रदर्शन करने वालों में मनोज पनेरू, सुमित पाण्डे, आकाश चौहान, इर्न्द्र सिंह रौतेला, संजय अधिकारी, प्रकाश पंत, गोपाल सिंह, कुन्दन सिंह, विजय गिरी, हेम सिंह, हरीश पाण्डे, वाई एस कोरंगा, नवीन पिलखवाल व राजेन्द्र बिष्ट आदि शामिल थे।
