रेलवे भूमि अतिक्रमण की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर हल्द्वानी में कड़ी सुरक्षा , एसएसपी मंजुनाथ टिसी ने जायजा लिया
बनभुलपुरा क्षेत्र जीरो जोन घोषित,स्कूल भी बंद रहे, आने जाने वालों की सघन चेकिंग, पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई में 17 से अधिक लोग गिरफ्तार, 136 लोगों के विरुद्ध मुचलका पाबंद की कार्यवाही
हल्द्वानी(उद संवाददाता)। बनभूलपुरा रेलवे भूमि प्रकरण की सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई को लेकर हल्द्वानी शहर में बुधवार सुबह से ही सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सुबह आठ बजे से बनभूलपुरा क्षेत्र को जीरो जोन घोषित किया गया, जहां स्कूटी, वाहन और पैदल आने-जाने वालों की चेकिंग की जा रही है। पैदल लोगों से आधार कार्ड और पहचान पत्र मांगे जा रहे हैं, वहीं स्कूटी की डिग्गी की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा इंतजामों का आज एसएसपी मंजुनाथ टिसी ने जायजा भी लिया। बनभूलपुरा क्षेत्र में पुलिस असलहा और लाठी डंडों के साथ मुस्तैद है। सुरक्षा कारणों से क्षेत्र में पैदल गश्त भी चल रही है और कई दुकानें बंद हैं, जबकि कुछ दुकानें ही खुली हैं। स्कूलों को भी बंद रखा गया है। जीरो जोन होने के कारण गौला पुल से लोगों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। लोग अब हल्द्वानी बस स्टेशन मार्ग से आवाजाही कर रहे हैं। मुख्य बाजार से बनभूलपुरा के ताज चौराहा तक भारी पुलिस बल तैनात है और प्रवेश करने वालों की सख्ती से जांच की जा रही है। शहरवासियों में सुनवाई को लेकर चिंता और चर्चा दोनों देखी जा रही है। सुप्रीम कोर्ट में आज बनभूलपुरा मामले की सुनवाई शाम तीन से चार बजे होने की संभावना है। याचिका से जुड़े लोग पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं। यह मामला करीब 4365 मकानों में रहने वाली बड़ी आबादी से जुड़ा है। पिछले साल अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई हिंसा को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। रेलवे का दावा है कि बनभूलपुरा की गफूर बस्ती, इंदिरा नगर, नई बस्ती और पटरी के किनारे 29 हेक्टेयर जमीन पर अवैध निर्माण हुआ है, जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि वे यहां 40-50 साल से रह रहे हैं। हल्द्वानी निवासी रविशंकर जोशी ने 2022 में हाईकोर्ट में याचिका दािखल की थी, जिस पर भूमि को अतिक्रमणमुक्त करने के निर्देश दिए गए थे। इसके विरोध में क्षेत्रीय लोगों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई से पहले सुरक्षा कारणों से बिलाली मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद आसिम समेत 20 लोगों को निजी मुचलके में पाबंद किया गया। इससे पहले 1 दिसंबर को 121 और हाल ही में 15 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें बनभूलपुरा हिंसा के आरोपी भी शामिल हैं। सुरक्षा को देखते हुए क्षेत्र के सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद हैं। अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम भी खिलाड़ियों के लिए बंद रखा गया। हल्द्वानी-गौलापार और शनिबाजार मार्ग पर आवाजाही बंद की गई है। पूरे क्षेत्र में करीब 800 अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इसमें तीन एएसपी, चार सीओ, 12 थानाध्यक्ष व इंस्पेक्टर, 45 एसआई व एएसआई, 400 कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल शामिल हैं। पीएसी की तीन कंपनियां, फायर यूनिट, टियर गैस यूनिट और ड्रोन भी सुरक्षा में तैनात हैं।
