एसआईटी करेगी सुखवंत सुसाइड केस की जांच : महिला आईपीएस निहारिका तोमर के नेतृत्व में एसआईटी का गठन
रूद्रपुर/काशीपुर(उद संवाददाता)। झकझोर देने वाले बहुचर्चित सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण में अब इंसाफ की उम्मीदें तेज हो गई हैं। काशीपुर के ग्राम पैंगा निवासी किसान सुखवंत सिंह द्वारा हल्द्वानी के एक होटल में खुदकुशी किए जाने के मामले को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े रुख और जनता के आक्रोश के बीच ऊधमसिंह नगर एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने इस मामले की परतें खोलने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया है। बीते शनिवार की उस काली रात ने तराई के एक किसान के संघर्ष को थका दिया था। हल्द्वानी के गौलापार स्थित एक होटल के कमरे में जब गोली चलने की आवाज आई, तो वह सिर्फ एक मौत नहीं बल्कि तंत्र की विफलता का शोर था। सुखवंत सिंह ने ट्रिगर दबाने से पहले एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया, जो अब इस केस का सबसे बड़ा साक्ष्य है। इस वीडियो में उन्होंने सिसकते हुए बताया कि कैसे कुछ भू माफियाओं ने उनसे 4 करोड़ रुपये की ठगी की और जब वह इसकी शिकायत लेकर पुलिस के पास गए, तो वहां मदद के बदले भ्रष्टाचार का खेल मिला। उन्होंने स्पष्ट रूप से पुलिस पर कार्रवाई न करने और आरोपियों को संरक्षण देने के आरोप लगाए थे। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही शासन-प्रशासन में हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री ने तत्काल कुमाऊं कमिश्नर को मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए। वहीं, एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने खाकी पर लगे दागों को साफ करने के लिए कड़ा कदम उठाते हुए थानाध्यक्ष और दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और पूरी पैगा पुलिस चौकी को लाइन हाजिर कर दिया। मामले की गंभीरता और इसमें शामिल 26 रसूखदार नामजद आरोपियों को देखते हुए एसपी (अपराध एवं यातायात) सुश्री नीहारिका तोमर के नेतृत्व में अब एसआईटी का गठन किया गया है। इस टीम में जिले के सबसे तेज-तर्रार और तकनीकी रूप से दक्ष अधिकारियों को शामिल किया गया है। एसआईटी के मुख्य विवेचक के रूप में निरीक्षक रवि कुमार सैनी (प्रभारी निरीक्षक, कुंडा) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। टीम के अन्य महत्वपूर्ण सदस्यों में निरीक्षक हरेंद्र चौधरी (प्रभारी निरीक्षक, काशीपुर), निरीक्षक जसवीर चौहान (प्रभारी एसओजी, ऊधमसिंह नगर), उपनिरीक्षक चंदन सिंह बिष्ट (प्रभारी चौकी कुण्डेश्वरी) और उपनिरीक्षक हरविन्दर कुमार (कोतवाली कुंडा) को शामिल किया गया है। वहीं, वैज्ञानिक साक्ष्यों के संकलन के लिए तकनीकी विंग में मुख्य आरक्षी विनय यादव (एसओजी काशीपुर) को सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण और आरक्षी भूपेंद्र आर्या (एसओजी रुद्रपुर) को तकनीकी व सर्विलांस कार्य के लिए टीम का हिस्सा बनाया गया है।मामले में 12 जनवरी को बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत अमरजीत सिंह सहित 26 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया जा चुका है। एसआईटी अब सुखवंत सिंह के मोबाइल डेटा, बैंक ट्रांजैक्शन और उन पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कर रही है जिन्होंने समय रहते कार्रवाई नहीं की।
