शंकराचार्य के अपमान के खिलाफ कांग्रेसियों का मौन उपवास
रूद्रपुर/गदरपुर (उद संवाददाता)। प्रयागराज माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या पर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तरेश्वरानन्द महाराज को शाही स्नान से रोके जाने और उनके साथ हुए कथित अभद्र व्यवहार के विरोध में रुद्रपुर के कांग्रेसजनों ने तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। इस घटना के विरोध में रविवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता ट्रांजिट कैम्प स्थित चामुण्डा मंदिर परिसर में एकत्र हुए और प्रातः 11 बजे से दो घंटे का सामूहिक मौन उपवास रखकर अपना विरोध दर्ज कराया। उपवास शुरू करने से पूर्व कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जगद्गुरू शंकराचार्य का अपमान केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि संपूर्ण सनातन समाज और हिंदू आस्था पर चोट है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और उसके नेता एक तरफ हिंदू धर्म के रक्षक होने का दिखावा करते हैं, वहीं दूसरी ओर सनातन मर्यादाओं को ताक पर रखकर धर्मगुरुओं के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि सनातन परंपराओं और पूज्य संतों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी धर्म की मर्यादा की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करने को तैयार है। मौन उपवास कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष ममता रानी, प्रदेश महिला कांग्रेस उपाध्यक्ष मीना शर्मा, डॉ- सुमित राय और परिमल राय ,संजीव रस्तोगी, संदीप चीमा, सुशील मंडल, योगेश चौहान, अनिल शर्मा, उमा सरकार और संगीता ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। विरोध प्रदर्शन में अंकिता अधिकारी, रविन्द्र गुप्ता, मोहन भारद्वाज, निरोद अधिकारी, नरेश सागर, अरविन्द सक्सेना, पूरन सिंह, अनुज दीक्षित, गुंजन, उपेन्द्र, कोमल सिंह, राजो और सोनू सहित अनेक कांग्रेसजन मौजूद थे। सभी ने एक स्वर में घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और सनातन धर्म की गरिमा बहाल रखने की मांग की। गदरपुर-प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी के कथित अपमान के विरोध में आज गदरपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दो घंटे का मौन व्रत रखकर अपना विरोध दर्ज कराया। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजेंद्र पाल सिंह के नेतृत्व में सनातन धर्म मंदिर, बुद्ध बाजार में आयोजित इस मौन व्रत के माध्यम से सरकार एवं मेला प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि संत समाज का अपमान देश की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं के विरुद्ध है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में सरकार और मेला प्रशासन से इस प्रकरण पर खेद प्रकट करने एवं शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। इस अवसर पर राजेंद्र पाल सिंह ने कहा कि संत समाज सदैव देश को दिशा देने का कार्य करता रहा है और उनके सम्मान से ही समाज की आस्था जुड़ी हुई है। यदि ऐसे मामलों पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो जनता के आक्रोश को झेलना पड़ेगा। मौन व्रत कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शैलेंद्र शर्मा, प्रेमानंद महाजन, चंदन नयाल, मनोज देवराड़ी, अनिल सिंह, राजेश बाबा, अंकुर चावला, शिवम पपनेजा सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
