सनातन संस्कृति भारत की आत्मा: नारायण चैतन्य
रुद्रपुर। संघ शक्ति कलयुगे के उद्घोष के साथ दशमेश पार्क, आवास विकास में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य एवं अनुशासित आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में वीर सावरकर सनातन एकता समिति के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता, राष्ट्रभाव, संगठन शक्ति तथा हिंदू समाज की भूमिका पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वनवासी कन्या छात्रावास की बालिकाओं द्वारा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ से हुआ। इसके पश्चात बालिकाओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक एवं धार्मिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय एवं प्रेरणादायी बना दिया। सम्मेलन में मातृशक्ति की बड़ी संख्या में उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। सम्मेलन के मुख्य वक्ता परम पूज्य स्वामी श्री नारायण चैतन्य जी महाराज ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि सनातन संस्कृति भारत की आत्मा है। जब समाज अपने मूल्यों, संस्कारों और परंपराओं के प्रति सजग रहता है, तभी राष्ट्र सशक्त बनता है। उन्होंने सेवा, समर्पण और राष्ट्रनिष्ठा को जीवन का मूल मंत्र बताया। मुख्य अतिथि डॉ. हरीश जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संघ ने समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ते हुए सेवा, संस्कार और संगठन के माध्यम से राष्ट्रनिर्माण का निरंतर कार्य किया है। उन्होंने संघ द्वारा प्रतिपादित फ्पंच परिवर्तनय् की अवधारणा को विस्तार से समझाया। सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी का आग्रह तथा नागरिक कर्तव्य इन पाँच बिंदुओं को समाज सशक्तिकरण और राष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। डॉ. हरीश जी ने राम मंदिर निर्माण को हिंदू समाज के त्याग, तपस्या और संगठित प्रयास का प्रतीक बताते हुए कहा कि जब समाज एकजुट होकर लक्ष्य की दिशा में कार्य करता है, तो दशकों का संघर्ष भी सफलता में परिवर्तित हो जाता है। उन्होंने मतभेद भुलाकर राष्ट्रहित में संगठित रूप से कार्य करने का आ“वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ओम प्रकाश बांगा ने की। उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं, आयोजकों एवं दूर-दराज से आए आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए समाज में समन्वय एवं एकता बनाए रखने का संदेश दिया। सम्मेलन में सीरवी समाज सहित विभिन्न समाजों के सैकड़ों गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन रमाकांत जी ने किया। अंत में सहभोज का आयोजन हुआ, जिसमें सभी ने समरसता और सौहार्द के भाव से सहभागिता की। कार्यक्रम में जिला संघचालक अशोक जायसवाल, नगर संघचालक लक्ष्मी नारायण, जिला कार्यवाह समरपाल, महापौर विकास शर्मा, विधायक शिव अरोड़ा, जिला सह कार्यवाह बरीत सिंह, मनीष अग्रवाल, शशांक गुप्ता, अभि अग्रवाल, सुरेश गुप्ता, भारत भूषण चुग, राजेश जग्गा, अनिल गुप्ता, नितेश गुप्ता, अगम अग्रवाल, शिवम अरोड़ा, कीर्ति निधि शर्मा, राजेश अरोड़ा, अग्रिम, ओगड़ राम, मोहन लाल, साजाराम, वोरा राम, डायाराम, राजकुमार खनिजों, धीरेन्द्र भट्ट, नीलकंठ राणा, मानस जायसवाल, मदन अग्रवाल, राहुल तिवारी, आदित्य, कमलेश बिष्ट, अन्नपूर्णा गुप्ता, अंजू सिंह, अंजली सक्सेना, रीना जग्गा, स्वाति गुप्ता, ओमवती शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक, मातृशक्ति एवं युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



