नंदानगर में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी,सात लापता : 16 घंटे बाद मलबे से सुरक्षित निकले कुंवर, पत्नी और दो बच्चों की गई जान
चमोली। चमोली के नंदानगर इलाके में बुधवार देर रात बिनसर पहाड़ी की चोटी पर बादल फटने भारी तबाही हुई। जिसमें 10 लोगों के लापता होने की खबर थी। अब तक दो लोगों के शव बरामद हो गए है। तो वहीं सात लोगों की तलाश जारी है। एक व्यक्ति को राहत दलों ने करीब 16 घंटे बाद मलबे से बाहर निकाला। बता दें कि इस तबाही से 10 मकान भी पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं। इस तबाही में कुंतरी गांव के एक ही परिवार के पति-पत्नी और दो बच्चों समेत आठ लोग लापता हो गए। तो वहीं धुर्मा गांव से भी दो बुजुर्ग लापता हैं। बचाव दलों को दो लोगों के शव मलबे से बरामद हुए। तो वहीं अभी भी लापता लोगों लापता लोगों के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। तो वहीं प्रभावित लोगो तक हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है। वही नंदानगर की आपदा में मलबे में दबे कुंवर सिंह 16 घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए हैं। लेकिन उनके परिवार को बचाया नहीं जा सका। पत्नी और दो जुड़वा बच्चे आपदा में मारे गए। फाली लगा कुंतरी के बलवंत सिंह का एक बेटा परिवार के साथ दूसरे शहर में रहता है और दूसरा पुत्र कुंवर सिंह, पत्नी और जुड़वा बेटों के साथ गांव में रहते थे। उन्होंने मजदूरी करके अपना घर बनाया। दोनों बच्चे विकास और विशाल ;10 सालद्ध सरस्वती शिशु मंदिर में पढ़ते थे। बृहस्पतिवार तड़के पूरा परिवार घर में सो रहा था। तभी आपदा आई और पूरा घर मलबे में दब गया। सुबह जब राहत और बचाव कार्य शुरू शुरू हुआ तो मकानों से मलबा हटाने पर बचावकर्मियों को एक घर से किसी की आवाज सुनाई दी। जब उन्होंने रोशनदान से कमरे में देखा तो कुंवर सिंह के अंदर होने का पता चला। जिस पर रेस्क्यू टीम ने तेजी से उन्हें बाहर निकालने का काम शुरू किया। शाम करीब छह बजे कुंवर सिंह को बाहर निकाल लिया गया। कमरे में कुंवर सिंह का आधा शरीर मलबे में दबा हुआ था। चेहरे पर भी मिट्टðी जमा थी, लेकिन रोशनदान से उन्हें सांस लेने में मदद मिलती रही। कुंवर सिंह को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उनकी पत्नी कांती देवी सहित दोनों बेटे मलबे में दबे हुए हैं।



