‘रंग लाई‘, सीएम धमी की ‘मत्स्य संपदा योजना’
अब विदेश भेजी जाएगी उत्तराखंड की ट्राउट फिश, मत्स्य विभाग ने आरंभ की सर्टिफिकेट तैयार करने की कवायद
देहरादून/ चमोली। रोजगार की तलाश में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से लगातार हो रहे पलायन को रोकने के लिए धमी सरकार सदैव ही प्रयत्नशील रही है और सरकार के द्वारा पर्वतीय क्षेत्र के युवाओं को पहाड़ से जोड़े रखने के लिए अनेक रोजगार परक योजनाओं की शुरुआत की गई थी। सरकार द्वारा आरंभ की गई इन रोजगार परक योजनाओं से जुड़कर राज्य के युवा आरंभ में तो अपने उत्पाद निकटवर्ती तहसील और जिलों के बाजारों तक पहुंच रहे थे ,लेकिन सरकार के प्रोत्साहन से उत्पादन का दायरा लगातार बढ़ता चला गया और राज्य के पर्वतीय क्षेत्र के उत्पाद पूरे देश में ध्ूम मचाने के बाद अब विदेश में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करने जा रहे हैं। बताना होगा कि सीएम धमी द्वारा राज्य के युवाओं को मत्स्य पालन के माध्यम से स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना आरंभ की गई थी और इसके लिए सरकार द्वारा 200 करोड रुपए का प्रावधन किया गया था तथा इस योजना के तहत प्रदेश के 10 पर्वतीय जिलों में कोल्ड रनिंग वाटर में ट्राउट फिश उत्पादन को बढ़ाने का लक्ष्य निर्धरित किया गया था। मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत रुचि के परिणाम स्वरूप मिले सरकारी प्रोत्साहन के चलते मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना बीते कुछ सालों में इतना रंग लाई है कि अब उत्तराखंड में ट्राउट फिश का उत्पादन निरंतर बढ़ता जा रहा है और उत्तराखंड के मत्स्य पालकों के लिए बड़े बाजार की जरूरत महसूस की जाने लगी है। लिहाजा मुख्यमंत्री धमी के निर्देशानुसार मत्स्य विभाग अब जल्द ही दुबई में उत्तराखंड की ट्राउट फिश भेजने की तैयारी में बड़े जोर शोर से जुट गया है तथा विभाग द्वारा ट्राउट फिश निर्यात के लिए आवश्यक खाद्य सुरक्षा और अन्य प्रमाण पत्रों को बनाने की कवायद युद्धस्तर पर आरंभ कर दी गई है । उल्लेखनीय है कि इसी साल 26 से 30 जनवरी तक दुबई में गल्फूड का आयोजन किया गया था। जिसमें उत्तराखंड मत्स्य पालन विभाग की ओर से उत्तराखंड ट्राउट फिश का प्रदर्शन किया गया था। इस गल्फूड के दौरान दुबई के लोगों को उत्तराखंडी ट्राउट काफी ज्यादा पसंद आयी थी। जिसके बाद संयुक्त अरब अमीरात के कई फाइनेंशियर्स ने मत्स्य विभाग के अध्किारियों से संपर्क कर दुबई में ट्राउट फिश की आपूर्ति का आग्रह किया था। सो,अब उत्तराखंड सरकार दुबई में ट्राउट फिश को एक्सपोर्ट करने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है की शुरुआती दौर में 20 टन ट्राउट फिश एक्सपोर्ट की जाएगी तत्पश्चात डिमांड के आधर पर एक्सपोर्ट को बढ़ाया जाएगा। गौर हो कि उत्तराखंड में ट्राउट फिश का पालन शुद्धजल धराओं में किया जाता है। ठंडे पानी की यह फिश स्वाद में काफी लाजवाब होती है। यही कारण है कि उक्त मछली न सिर्फ काफी महंगी बिकती है, बल्कि इसकी डिमांड भी काफी ज्यादा है। ट्राउट फिश औषध्ीय गुणों से भरपूर होती है। यही वजह है कि लोग इसे चाव से खरीदते हैं। जानकारों की मानें तो ट्राउट फिश दिल के मरीजों के लिए रामबाण का काम करती है। इसमें ओमेगा थ्री फाइटीएसिड नामक तत्व होता है, जो दुर्लभ पोषक तत्व है। इसके अलावा ट्राउड फिश हृदय रोगियों के लिए रामबाण है। साथ ही हाई ब्लड प्रेशर, कोलस्ट्रॉल और मोटापा को भी नियंत्रित करती है।
