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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विशेष सत्र को करेंगी संबोधित : प्रस्तावित देहरादून यात्रा को लेकर की तैयारियों की समीक्षा

देहरादून। राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य पर आयोजित होने जा रहे विशेष सत्र में तीन नवंबर को सुबह 11 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विशेष सत्र को संबोधित करेंगी। इससे पहले मई 2015 में पूर्व राष्ट्रपति स्व. प्रणव मुखर्जी ने विशेष सत्र में संबोधित किया था। तीन व चार नवंबर को होने वाले विशेष सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय तैयारियों में जुट गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन दिन के उत्तराखंड दौरे पर आ रही हैं। दो नवंबर को हरिद्वार में एक कार्यक्रम में शामिल होंगी। तीन नवंबर को देहरादून विधानसभा में विशेष सत्र का राष्ट्रपति का अभिभाषण होगा। इसके बाद राष्ट्रपति नैनीताल के लिए रवाना होंगी। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की प्रस्तावित देहरादून दून यात्रा को लेकर राष्ट्रपति सचिवालय के अतिरिक्त सचिव डॉ. राकेश गुप्ता ने देहरादून में अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान डॉ. गुप्ता ने राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर की जा रही तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि राष्ट्रपति की परिसंपत्तियों के अंतर्गत देहरादून में बनाए जा रहे राष्ट्रपति उद्यान सहित अन्य निर्माणाधीन कार्य तय समय में पूरे किए जाएं। राष्ट्रपति निकेतन में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी देहरादून डॉ. सविन बंसल, महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी, एस एस पी देहरादून श्री अजय सिंह, एम एन ए देहरादून श्रीमती नमामि बसंल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। राष्ट्रपति संपदाओं को फ्राष्ट्र का भवनय् बनाने की महत्वपूर्ण पहल के चलते देहरादून में राष्ट्रपति निकेतन एवं राष्ट्रपति तपोवन की स्थापना के बाद राष्ट्रपति उद्यान के निर्माण की महत्वपूर्ण परियोजना का कार्य तेजी से जारी है। 132 एकड़ के विशाल क्षेत्रफल में बन रहे राष्ट्रपति उद्यान के कार्यों को अगले वर्ष तक पूरा करने का लक्ष्य है। राष्ट्रपति उद्यान की परिकल्पना सुगम्यता, सततता और सामुदायिक सहभागिता के सिद्धांतों पर आधारित है। जनसहभागिता, संस्कृति और नागरिक गौरव के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किए जा रहे इस उद्यान के भीतर थीम आधारित फूलों और वनस्पतियों के बाग, तितली गृह और पक्षीशाला, सुरम्य झील जैसे प्रमुख आकर्षण होंगे। देश का दूसरा सबसे ऊॅंचा राष्ट्रीय ध्वज स्तंभ इस उद्यान की पहचान का अहम हिस्सा होगा। उद्यान में पैदल एवं साइकिल ट्रैक, सांस्कृतिक गतिविधियों हेतु 800 से अधिक लोगों की क्षमता का एक मुक्ताकाशी रंगमंच, सार्वजनिक पुस्तकालय एवं फूड प्लाजा की भी व्यवस्था होगी।राष्ट्रपति निकेतन परिसर के भीतर घुड़सवारी क्षेत्र का एक नया आकर्षण भी जल्द आम लोगों के अवलोकन हेतु उपलब्ध होगा। जहां पर आम लोग प्रेसिडेंट्स बॉडीगार्ड के घोड़ों की सवारी एवं देखभाल के तौर-तरीकों का नजदीक से साक्षात्कार कर सकेंगे। इस एरीना में राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली से प्रेसिडेंट्स बॉडीगार्ड के 6 घोड़े लाए जा रहे हैं। यह घोड़े प्रेसिडेंट्स बॉडीगार्ड की गरिमा और परंपरा के गौरवशाली प्रतीक रहे हैं। पारंपरिक पर्वतीय वास्तुशिल्प की छाप वाले इस फुटओवर ब्रिज के दोनों तरफ लिफ्रट की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। 32 मीटर लंबे तथा चार मीटर चौड़ाई वाले इस फुट ओवर ब्रिज का निर्माण छः माह के भीतर पूरा किया गया है। राष्ट्रपति सचिवालय के जनसंपर्क अधिकारी कुमार समरेश ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की आगामी प्रस्तावित यात्रा के दौरान नवनिर्मित हॉर्स राइडिंग एरीना एवं ओवर फुट ब्रिज का लोकार्पण किए जाने की संभावना है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा राष्ट्रपति निकेतन और राष्ट्रपति तपोवन का गत 20 जून को लोकार्पण किया गया था। राष्ट्रपति सचिवालय के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि बीते चार माह में राष्ट्रपति निकेतन में 4,753 लोगों ने तथा राष्ट्रपति तपोवन में 15,567 लोगों ने भ्रमण किया। उन्होंने बताया कि निर्माणाधीन राष्ट्रपति उद्यान में प्रतिवर्ष 20 लाख लोगों के आने का अनुमान है।

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