ऑपरेशन कालनेमि अभियान : साधु-संतों के भेष में घूम रहे 11 ढोंगी बाबा पकड़े
रुड़की(उद संवाददाता)। हरिद्वार जिले के रुड़की में ऑपरेशन कालनेमि अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साधु-संतों के भेष में घूम रहे 11 ढोंगी बाबाओं को गिरफ्तार किया है। ये सभी बाबाओं के भेष में भीख मांगने और लोगों से अधिक धनराशि वसूलने के आरोप में पकड़े गए हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शुरू किए गए ऑपरेशन कालनेमि का उद्देश्य धर्म की आड़ में लोगों की भावनाओं और आस्थाओं का दुरुपयोग करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है। हरिद्वार एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया था कि साधु-संत का भेष धारण कर लोगों को भ्रमित करने वाले फर्जी बाबाओं पर कार्रवाई की जाए। इस दिशा में रुड़की सिविल लाइन कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 11 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार बाबाओं में उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड के निवासी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि ये सभी व्यक्ति लोगों से ठगी करने के उद्देश्य से भेष बदलकर घूमते थे। एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि गिरफ्तार सभी फर्जी बाबाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और ऑपरेशन कालनेमि अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा। गिरफ्तार किए गए ढोंगी बाबाओं में गणेश (70 वर्ष) निवासी नागपुर, नौशाद (47 वर्ष) निवासी खतौली मुजफ्फरनगर, श्रवण उर्फ मांगा (57 वर्ष) निवासी रुड़की, जितेंद्र (55 वर्ष) निवासी बुलंदशहर, अरविंद (58 वर्ष) निवासी सहसपुर, सोहेल (45 वर्ष) निवासी लक्सर, रोहित (20 वर्ष), पंगनाथ (20 वर्ष), कलम नाथ (25 वर्ष), मुकेश (25 वर्ष) और छोटेलाल (25 वर्ष) शामिल हैं। उत्तराखंड सरकार ने ऑपरेशन कालनेमि के तहत यह संदेश देने की कोशिश की है कि राज्य में किसी भी प्रकार के छल-कपट, भेष बदलकर ठगी या लोगों को गुमराह करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सनातन संस्कृति की पवित्रता बनी रहे और लोग सुरक्षित रह सकें।
