February 13, 2026

Uttaranchal Darpan

Hindi Newsportal

शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा में विराजमान हुई मां गंगा की डोली

शीतकालीन पूजा स्थलों पर होंगे विशेष प्रबंध : महाराज
देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ के कपाट बंद होने के बाद 25 नवंबर को बदरीनाथ के कपाट भी बंद हो जाएंगे। इसके बाद परंपरागत रूप से शीतकालीन पूजा स्थलों पर श्रद्धालु के लिए पूजा- अर्चना और दर्शनों के लिए सरकार की ओर से विशेष प्रबंध किए गए हैं। पर्यटन मंत्री महाराज ने कहा कि चारधाम के शीतकालीन पूजा स्थलों के तहत भगवान केदारनाथ की पूजा ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ, बदरीनाथ की पूजा पांडुकेश्वर ;योगध्यान बद्री मंदिरद्ध, गंगोत्री स्थित मां गंगा की पूजा मुखबा में और यमुनोत्री स्थित मां यमुनोत्री की पूजा-अर्चना खरसाली में होगी। सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण, चार धामों के देवता इन दिव्य स्थानों पर विराजमान रहते हैं। इसलिए शीतकाल के दौरान श्रद्धालु इन स्थानों पर आकर सुगमता से पूजा-अर्चना कर सकते हैं।महाराज ने कहा कि उत्तराखंड की चारधाम यात्रा संपन्नता की ओर है। सरकार के सुनियोजित प्रयासों से यह यात्रा सफल और सुचारू रूप से संपन्न हो रही है। इसके लिए मैं तीर्थयात्रियों, तीर्थ पुरोहितों, स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सभी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और विशेष रूप से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करता हूं। उनके अथक प्रयासों से मानसून सीजन में आए विभिन्न अवरोधों के बावजूद चारधाम यात्रा में गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष भी रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड का रुख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीतकालीन यात्रा को भी बढ़ावा देने के लिए हम सभी को प्रेरित किया है।इसलिए सरकार ने शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के लिए होटलों में 50 प्रतिशत तक की छूट देने का भी निर्णय लिया है।मंत्री ने कहा कि गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने चारधाम की यात्रा कर पूज्य लाभ अर्जित किया है। उत्तरकाशी। गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद आज मां गंगा की उत्सव डोली भैयादूज के अवसर पर अपने शीतकालीन प्रवास मुखबा में विराजमान हो गई है। यहां पर मां गंगा के तीन दिन निर्वाण दर्शन होंगे। बीते बुधवार को शीतकाल के लिए मां गंगा की डोली गंगोत्री से मुखबा गांव से तीन किमी पहले चंडेश्वरी मंदिर में पहुंची थी। वहां पर रात्रि विश्राम के बाद आज समेश्वर देवता की अगुवाई में मुखबा स्थित गंगा मंदिर पहुंची। यहां पर ग्रामीणों ने धूप, फूल मालाओं के साथ मां गंगा का मायके में स्वागत किया। अब छह माह गंगा जी के दर्शन मुखबा में होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *