एमएनए शिप्रा के बुल्डोजर एक्शन से मचा हड़कंप, एसडीएम गौरव पांडे ने भी संभाला मोर्चा
संवेदनशील मामले में पहली बार साथ दिखे प्रशासनिक दंपति
रुद्रपुर। मुख्य बाजार में शोरूम पर की गई कार्रवाई ने मुख्य नगर अधिकारी शिप्रा जोशी पांडे की सख्त कार्यशैली का पहला बड़ा उदाहरण पेश किया है। नोटिस फाड़ने और निगमकर्मियों से अभद्रता के बाद शिप्रा जोशी स्वयं पुलिस बल और जेसीबी के साथ मौके पर पहुंचीं तथा दुकान को सील कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। वहीं बुल्डोजर एक्शन की कार्यवाही को लेकर बाजार के व्यापारियों में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। हालांकि बाद में व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों की वार्ता के बाद कार्रवाई रोकी गई, लेकिन शिप्रा जोशी का रुख साफ रहा-अतिक्रमण किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और निगम टीम के साथ दुर्व्यवहार पर कड़ी कार्रवाई होगी। बाजार में इस घटना के बाद स्पष्ट संदेश गया है कि शहर में अब नियमों के पालन में ढिलाई की गुंजाइश नहीं है और मुख्य नगर अधिकारी शिप्रा जोशी के नेतृत्व में निगम अतिक्रमण के खिलाफ निर्णायक रूप से आगे बढ़ चुका है। मुख्य बाजार में ज्वैलर्स शोरूम पर मंगलवार शाम उपजे तनावपूर्ण हालात के बीच पहली बार शहर ने एक ही संवेदनशील मामले में मुख्य नगर अधिकारी ;एमएनएद्ध शिप्रा जोशी और प्रभारी एसडीएम गौरव पांडे जो पति-पत्नी हैं-को एक साथ सक्रिय भूमिका निभाते हुए देखा। अतिक्रमण के नोटिस को फाड़ने और निगम कर्मियों से अभद्रता के बाद जब मामला बिगड़ने लगा, तब एमएनए शिप्रा जोशी पुलिस बल और जेसीबी के साथ मौके पर पहुंचीं और उन्होंने नियमों के अनुसार कार्रवाई शुरू कर दी। इसके बाद स्थिति गर्माने लगी तो प्रभारी एसडीएम गौरव पांडे भी मौके पर पहुंच गए। दोनों अधिकारियों ने- अपनी-अपनी जिम्मेदारी के दायरे में रहते हुए शांत, संतुलित और सधे हुए ढंग से माहौल को नियंत्रित किया। बाजार में यह पहली बार था जब किसी संवेदनशील प्रकरण में दोनों प्रशासनिक अधिकारी साथ-साथ कार्रवाई का नेतृत्व करते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दोनों अधिकारी मामले को बारीकी से देख रहे थे और पूरी समन्वयता के साथ निर्णय ले रहे थे। इससे हालात और न बिगड़कर शांतिपूर्वक वार्ता की ओर बढ़ गए। बाद में नगर निगम कार्यालय में हुई चर्चा के दौरान भी दोनों अधिकारियों ने बेहद संयमित रवैया रखते हुए तथ्यों को सामने रखा और समाधान की दिशा में माहौल बनाया। अंततः मेयर, व्यापार मंडल और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में सहमति बनी और दुकान को सील करने की कार्रवाई रोक दी गई। इस पूरे घटनाक्रम ने स्पष्ट किया कि शहर की व्यवस्था को लेकर एमएनए शिप्रा जोशी और एसडीएम गौरव पांडे दोनों न केवल अपने-अपने पदों की जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाते हैं बल्कि संवेदनशील स्थितियों में एक-दूसरे के साथ तालमेल बैठाते हुए प्रभावी प्रशासन भी सुनिश्चित करते हैं।




