बेमौसमी धान की अनुमति की मांग, विधायक पाण्डे ने दिया समर्थन
रूद्रपुर(उद संवाददाता)। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले गदरपुर क्षेत्र से आये दर्जनों किसानों ने कलैक्ट्रेट परिसर पहुंचकर प्रशासन द्वारा खेतों में ट्रेक्टर से धान की फसल रौंदने के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान गदरपुर के भाजपा विधायक अरविन्द पाण्डे ने भी उनके साथ आकर मांगों का समर्थन किया। किसानों का आरोप है कि उनका प्रतिनिधि मंडल पूर्व में कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से इस सन्दर्भ में वार्ता कर चुका है परंतु कोई हल नहीं निकाला गया। उन्होंने कहा कि अनेकों बार ज्ञापन देने के पश्चात भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। हर बार किसानों को गुमराह किया गया। किसानों ने मौके पर पहुंचे एडीएम कौस्तुभ मिश्र को ज्ञापन सौंपा। एडीएम ने कहा कि यह कार्रवाई उच्च न्यायालय के निर्देश पर की जा रही है। न्यायालय के निर्देश का पालन करना सभी का दायित्व है। किसानों ने बताया 2024 के अन्त में पूर्व जिलाधिकारी एव मुख्य कृषि अधिकारी द्वारा ग्रीष्म कालीन धान पर प्रतिबन्ध लगाने से पूर्व 04 बैठके किसानो के साथ की गयी थी। जिसमें सहमति बनी थी कि सीलन वाली भूमि को पूर्णतः प्रतिबन्ध से बाहर रखा गया था। मक्का जिसकी नमी 25 प्रतिशत तक होगी कटौती करके खरीदा जायेगा। उत्तराखण्ड के किसानो की मक्का को प्राथमिकता के आधार पर समय से खरीदा जायेगा जिससे किसान की फसल में नमी के कारण फफूंदी ना आये। साइलेज वाली मक्का की खरीद आँचल डेयरी के द्वारा गत वर्षों से ज्यादा क्षेत्रफल से खरीद कर आचार वाली मक्का बोने वाले किसानो को ज्यादा से ज्यादा लाभ पहुँचाया जायेगा। छोटे किसानो को डेयरी स्थापित करने में मद्द की जायेगी। क्योकि उनको बैंको द्वारा ऋण देने में रूचि नहीं होती। फार्म मशीनरी बैंको में साईलेज मेंकिग मशीनो को शामिल कर अधिक से अधिक समूहो या व्यक्तिगत लोगो को मशीने देकर किसानो की साइलेज वाली मक्का का उचित मूल्य दिलाना परन्तु धान तो प्रतिवधित कर दिया लेकिन किसानो की उक्त मांगो को पूरा नहीं किया गया जिससे मौसमी धान भी किसानो को 1600 रूपये प्रति कुन्तल से 2000 प्रति कुन्तल में बेचना पड़ा जिससे किसानो को 600 रूपये प्रति कुन्तल के लगभग आर्थिक हानि हुई इसी प्रकार ग्रीष्म कालीन मक्का में भी आर्थिक हानि हुई। इसलिए प्रतिबन्ध पर पुनः विचार करना एवं समीक्षा करना अति आवश्यक है। जिसके लिय पूर्व में अपर जिलाधिकारी को जनवरी माह के अन्त में ज्ञापन भी दिया गया था जिसका कोई प्रति उत्तर सम्बन्धित द्वारा नही दिया गया। एडीएम ने कहा कि इस मामले को लेकर एक कमेटी बनाई जायेगी जिसमें किसानों को भी शामिल किया जायेगा।
