January 22, 2026

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अपने गांव लौटकर स्वरोजगार के नए अवसर सृजित कर रहे प्रवासी उत्तराखंडी : धामी

प्रवासी उत्तराखंड सम्मेलन में देश-विदेश से बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडियों ने की सहभागिता
देहरादून(उद संवाददाता)। राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर राजधानी देहरादून में प्रवासी उत्तराखंड सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश-विदेश से आए प्रवासी उत्तराखंडवासियों से संवाद स्थापित किया। सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों के साथ ही विदेशों में रह रहे बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी शामिल हुए। पूरे आयोजन में उत्साह और आत्मीयता का विशेष माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान प्रवासी उत्तराखंडवासियों ने मुख्यमंत्री धामी द्वारा राज्य के सर्वांगीण विकास, निवेश को बढ़ावा देने, युवाओं को प्रोत्साहित करने और पलायन रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड तेजी से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है और अब प्रवासी भी इस विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रवासी भाई-बहन उत्तराखंड के सच्चे ब्रांड एंबेसडर हैं, जो अपने परिश्रम, प्रतिभा और संस्कारों से देश-विदेश में राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोग जहां भी हैं, अपने कर्म और मूल्यों से राज्य की गौरवपूर्ण पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रवासी उत्तराखंडी अब न केवल अपने गृह प्रदेश से भावनात्मक रूप से जुड़े हैं, बल्कि अपने अनुभव, संसाधनों और नेटवर्क के माध्यम से प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर वर्ष प्रवासी उत्तराखंडवासियों को सम्मानित करती है, जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। प्रवासी अब अपने गृह प्रदेश में निवेश कर रहे हैं, गांवों को गोद लेकर विकास कार्यों में सहयोग दे रहे हैं और युवाओं को स्टार्टअप्स एवं उद्यमिता के क्षेत्र में मार्गदर्शन और सहायता प्रदान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नई सोच और भागीदारी उत्तराखंड के विकास को नई दिशा दे रही है। मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि आज उत्तराखंड में फ्विर्स पलायनय् की प्रेरणादायक कहानियां सामने आ रही हैं। जो लोग पहले रोजगार या अवसरों की तलाश में बाहर गए थे, वे अब अपने गांव लौटकर स्वरोजगार के नए अवसर सृजित कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति राज्य के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है और इस दिशा में सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड को 2025 तक देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाया जाए और इस दिशा में प्रवासी उत्तराखंडवासियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। सम्मेलन में प्रवासी उत्तराखंडवासियों ने भी अपने अनुभव साझा किए और राज्य के विकास में योगदान देने का संकल्प दोहराया। आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि चाहे प्रवासी हों या निवासी, उत्तराखंड के लोग जहां भी हैं, उनका हृदय अपने पर्वतीय प्रदेश के लिए समान रूप से धड़कता है।

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