नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सदन में राष्ट्रपति का स्वागत किया
देहरादून। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सदन में राष्ट्रपति का स्वागत किया। स्वागत भाषण में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि आज आप सदन में राष्ट्रपति के रूप में उपस्थित हुई हैं। उत्तराखंड के आंदोलन में प्राणों की आहुति देने वाले आंदोलनकारियों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उत्तराखंड और हिमालय को भारत भूमि का ऑक्सीजन टावर भी कहा जाता है। उत्तराखंड की महिलाएं भी जंगलों को अपना मायका समझती हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आपकी तरह गौरा देवी का भी प्रकृति व जंगलों से लगाव था। चारों धाम के अलावा तमाम पवित्र स्थल यहां मौजूद हैं। उत्तराखंड कौमी एकता का प्रतीक भी है। सिख धर्म का पवित्र स्थान हेमकुंड साहिब है। नानकमत्ता साहिब, कलियर शरीफ में ख्वाजा की दरगाह है। इस साल आपदा में हमने बहुत नुकसान झेला है। संसद में वन अधिकार कानून पास हो गया है लेकिन यहां आज तक दर्जनों गांवों को अधिकार नहीं मिल पाए हैं। मातृशक्ति ने विभिन्न क्षेत्रें में नए आयाम व कीर्तिमान स्थापित किए हैं। पर्वतीय इलाकों में तकनीकी शिक्षा का पूर्ण अभाव बना हुआ है। चिकित्सा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में चुनौतियां हैं। यशपाल आर्य के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति के समक्ष स्वागत भाषण रखा।
