जापान को चावल और फ्रोजन उत्पादों का निर्यात करेगा केएलए ग्रुप
रुद्रपुर। उत्तराखंड की आर्थिक प्रगति और वैश्विक व्यापार के मानचित्र पर रुद्रफर ने एक और गौरवशाली अध्याय जोड़ दिया है। प्रदेश की प्रमुख निर्यातक इकाई केएलए इंडिया पब्लिक लिमिटेड जल्द ही जापान जैसे संपन्न देश को चावल और फ्रोजन सब्जियों का निर्यात शुरू करने जा रही है। इस ऐतिहासिक व्यापारिक गठबंधन को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से जापान से आए एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने रुद्रफर और किच्छा स्थित कंपनी के अत्याधुनिक प्लांटों का भ्रमण किया। जापानी दल ने उत्पादों की गुणवत्ता, प्रसंस्करण तकनीक और स्वच्छता मानकों का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद संतोष व्यक्त किया है। इस भ्रमण के साथ ही उत्तराखंड से जापान के लिए खाद्य उत्पादों के निर्यात की राह प्रशस्त हो गई है।विदित हो कि केएलए ग्रुप वर्तमान में अमेरिका और यूरोप सहित दुनिया के 50 से अधिक देशों को अपने उत्पादों का निर्यात कर रहा है। वर्तमान में अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर लगाए गए कतिपय प्रतिबंधों के बीच भारत अब नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पैठ बनाने की संभावनाएं तलाश रहा है। इस रणनीतिक प्रयास में केएलए इंडिया की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।केएलए कंपनी पिछले दो वर्षों से जापान के साथ व्यापारिक संबंध स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत थी। वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में चीन के साथ बढ़ते तनाव के कारण जापान वर्तमान में खाद्य आपूर्ति के लिए चीन के विश्वसनीय विकल्प की खोज में है। इसी कड़ी में केएलए के दीर्घकालिक प्रयासों के बाद जापानी कंपनी का प्रतिनिधिमंडल चावल और अन्य उत्पादों की मांग लेकर रुद्रफर मुख्यालय पहुँचा।जापानी दल ने रुद्रफर और किच्छा स्थित औद्योगिक इकाइयों में स्थापित अत्याधुनिक मशीनों और शोध सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने विशेष रूप से चावल की पॉलिशिंग,फ्रोजन सब्जियों की ताजगी बनाए रखने वाली तकनीक और पैकेजिंग की अंतरराष्ट्रीय मानक प्रक्रिया को सराहा। जापानी विशेषज्ञों ने स्वीकार किया कि केएलए के उत्पाद उनकी कठोर गुणवत्ता कसौटी पर पूरी तरह खरे उतरते हैं। इस भ्रमण के पश्चात दोनों पक्षों के बीच जल्द ही चावल और फ्रोजन सब्जियों के निर्यात शुरू करने पर सहमति बनी है।जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ सार्थक वार्ता के उपरांत केएलए के प्रबंध निदेशक अरुण अग्रवाल ने इस उपलब्धि को उत्तराखंड के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा जापानी दल ने हमारी तकनीक और गुणवत्ता पर पूरा भरोसा जताया है और जल्द ही बड़े ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। यह केवल व्यापारिक अनुबंध नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के किसानों और उद्योगों के लिए एक नई सुबह है। उन्होंने कहा कि जापान जैसी मजबूत अर्थव्यवस्था के साथ जुड़ने से भारत की निर्यात क्षमता बढ़ेगी और अमेरिका जैसे देशों पर हमारी निर्भरता कम होगी। श्री अग्रवाल ने आगे जानकारी दी कि कंपनी ने हाल ही में केन्या के साथ चावल निर्यात का एक बड़ा अनुबंध सफलतापूर्वक संपन्न किया है। अब जापान के साथ कारोबार शुरू होना भविष्य में उत्तराखंड के निर्यात जगत के लिए सुखद परिणाम लेकर आएगा। इससे न केवल विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में भी वृ(ि होगी।
