मेयर से वार्ता के बाद मुख्य बाजार में ज्वैलर्स शोरूम सीज की कार्रवाई रूकी
रूद्रपुर । मंगलवार की सायं मुख्य बाजार में अतिक्रमण को लेकर निगम कर्मियों द्वारा जेजे ज्वैलर्स शोरूम के बाहर चस्पा किये गये नोटिस को फाड़ने और कर्मियों से अभद्रता करने के बाद उपजे विवाद के पश्चात व्यापारी व राजनैतिक नेताओं की मेयर, निगम अधिकारियों तथा कर्मचारियों की हुई वार्ता में शोरूम को सील न करने पर सहमति बन गई। बताया जाता है कि मुख्य बाजार में सोमवार को नगर निगम की टीम के निरीक्षण के दौरान एक ज्वैलर्स की दुकान के आगे ठेला लगा दिखाई दिया साथ ही फुटपाथ पर कुछ दुकानें भी लगी हुई थीं। जिस पर टीम द्वारा ज्वैलर्स दुकान का दस हजार रूपये का चालान काटकर दुकान पर चस्पा कर दिया गया था। आरोप है कि दुकान स्वामी ने चस्पा किये गये नोटिस को फाड़ दिया और निगमकर्मियों से अभद्रता की। जिसके बाद मंगलवार को सायंकाल नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, पुलिस बल व निगमकर्मियों के साथ जेसीबी मशीन लेकर उक्त दुकान पर आ गये और उन्होंने दुकान खाली करवाने और सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी। जिससे दुकान स्वामी की उनसे तीखी नोंक झोंक हो गई। इसकी जानकारी मिलने पर कई व्यापारी नेताओं सहित पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल भी वहां पर आ गये । मौके पर लोगों की भीड़ लग गई और उन्होंने निगम की कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। उनका कहना था कि सीधा दुकान सील करने आ जाना गलत है। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहसबाजी हो रही। मामल बढ़ता देख प्रभारी एसडीएम एसडीएम गौरव पाण्डे भी मौके पर पहुंचे गये और आक्रोषित व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन मामला नही सुलझा । पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने मामले की गंभीरता को देखते हुये मेयर विकास शर्मा से फोन पर वार्ता की जिस पर मेयर ने वार्ता के लिये व्यापारियों को निगम कार्यालय बुलाया। निगम कार्यालय में देवभूमि व्यापार मण्डल जिलाध्यक्ष गुरमीत सिंह, पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, नरेन्द्र अरोरा,व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा, सुशील गाबा, सुनील ठुकराल, हरीश अरोरा, अजय खुराना, पवन गाबा आदि सैकड़ों व्यापारी के साथ वार्ता हुई। जिसमंें नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, प्रभारी एसडीएम गौरव पाण्डे व निगम के कई अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद रहे। मेयर विकास शर्मा का कहना था कि निगम के कर्मी जब नोटिस देने गये तो उनसे अभद्रता की गई और नोटिस भी फाड़ दिया। जबकि निगम कर्मी नियमानुसार अपना काम कर रहे थे। उनके साथ किया गया व्यवहार अनुचित है। उन्होंने कहा कि वह पूर्व में कई बार व्यापारियों से फुटपाथ व सड़क पर अतिक्रमण न करने का आग्रह कर चुके हैं। बावजूद इसके अतिक्रमण होगा तो सख्त कार्रवाई की जायेगी। व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा का कहना था कि दुकान का दस हजार रूपये का चालान काटा गया था। यदि चालान जमा नहीं किया गया तो इसकी आरसी काटकर तहसील भेजी जानी चाहिए थी। सीधा फोर्स के साथ दुकान सील करने आ जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इधर दुकान स्वामी का कहना था कि दुकान में एक साथ कई लोग आ गये जिससे दुकान में रखे कीमती जेवरात इधर उधर होने की प्रबल आशंका थी। जिस कारण उन्होंने टीम की कार्रवाई का विरोध किया। काफी देर तक तर्क वितर्क चलने के बाद दोनों पक्षों में यह सहमति बनी कि दुकान को सील नहीं किया जायेगा और फुटपाथ और सड़कों पर व्यापारियों द्वारा अतिक्रमण नहीं किया जायेगा।
