होटल की तरह संचालित हो रहे होमस्टे की जांच के निर्देश
हल्द्वानी। कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में शनिवार को आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने जनता की विभिन्न शिकायतें सुनीं और अनेक मामलों का त्वरित निस्तारण किया। इस मौके पर भूमि विवाद, मुआवजा, सड़क और बिजली जैसी समस्याओं से संबंधित अधिकतर शिकायतें सामने आईं। कार्यक्रम के दौरान एक महिला ने बताया कि कोविड काल में उसके पति की मृत्यु के बाद उनके सभी दस्तावेज, जिनमें आधार कार्ड भी शामिल था, नष्ट हो गए थे। आधार कार्ड न होने के कारण वह दो वर्ष से सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रही थीं। पूर्व जनसुनवाई में आयुक्त के निर्देशों के बाद अब उनका नया आधार कार्ड बन चुका है, जिसके लिए महिला ने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। भूमि विवाद से जुड़े एक मामले में गुसाईपुर क्षेत्र के एक व्यक्ति ने शिकायत की कि उसने 66 लाख 50 हजार रुपये में भूमि खरीदी थी, लेकिन विक्रेता ने न तो रजिस्ट्री की और न धनराशि लौटाई। आयुक्त के हस्तक्षेप के बाद विक्रेता ने 10 लाख रुपये का चेक दिया और शेष राशि 31 जनवरी 2026 तक लौटाने का लिखित आश्वासन दिया। गौलापार क्षेत्र के एक अन्य भूमि धोखाधड़ी मामले में आयुक्त ने संबंधित क्षेत्राधिकारी को आरोपी के विरुद्ध लैंड Úॉड एक्ट में शीघ्र गिरफ्रतारी के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर आई एक अन्य शिकायत में नैनीताल के एक होटल द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म से की गई बुकिंग को आगमन के दिन रद्द कर अन्य स्थल में ठहरने की सलाह देने का मामला सामने आया। जांच में पाया गया किसंबंधित प्रतिष्ठान होम स्टे के नाम पर पंजीकृत था, पर वास्तव में होटल की तरह संचालन किया जा रहा था जो नियमों के विपरीत है। आयुक्त दीपक रावत ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए जिला पर्यटन अधिकारी को उक्त होटल को नोटिस जारी कर उसका पंजीकरण रद्द करने और जिले के सभी होम स्टे की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के संचालन से सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित होती है तथा ब्रांड श्उत्तराखंडश् की छवि पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। कार्यक्रम में चौसला क्षेत्र से आए नागरिकों ने जलजीवन मिशन और पानी की टंकियों से जुड़ी समस्याएं बताईं, जबकि भीमताल क्षेत्रवासियों ने अवैध पेड़ कटान की जानकारी दी। एक औषधि विक्रेता ने रेडक्रॉस से संबंधित लंबित बिलों के भुगतान का मुद्दा उठाया, जिस पर आयुक्त ने मुख्य चिकित्साधिकारी को तलब कर संबंधित निवर्तमान सचिव के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। आयुक्त दीपक रावत ने कहा कि जनहित के सभी मामलों में पारदर्शिता और त्वरित निस्तारण प्रशासन की प्राथमिकता है। अधिकांश शिकायतों का समाधान स्थल पर ही किया गया।
