जनसुनवाई में आयुक्त ने किया भूमि विवाद, धोखाधड़ी और कब्जे से जुड़े मामलों का मौके पर समाधान
हल्द्वानी। हल्द्वानी कैंप कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में आयुक्त/सचिव, मा0 मुख्यमंत्री दीपक रावत ने जनता द्वारा प्रस्तुत गंभीर मामलों भूमि विवाद, धोखाधड़ी, अवैध निर्माण और अन्य शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कई प्रकरणों का मौके पर ही समाधान किया। जनसुनवाई के दौरान विभिन्न क्षेत्रें से आए लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिन पर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। जनसुनवाई में वर्ष 2014 से लंबित सात बीघा भूमि विवाद के प्रकरण में सितारगंज, नानकमत्ता निवासी रोशनी जन्तवाल की समस्या का समाधान किया गया। रोशनी जन्तवाल ने बताया कि उन्होंने 27 लाख रुपये में आलम सिंह से सात बीघा भूमि खरीदी थी, परंतु वर्षों बाद पता चला कि मौके पर दिखाई गई भूमि के विपरीत अन्य खाते की रजिस्ट्री की गई। पिछले जनसुनवाई में आयुक्त द्वारा दोनों पक्षों को तलब करने के निर्देश दिए गए थे। सुनवाई के दौरान विक्रेता ने स्वयं रजिस्ट्री ठीक करने की कार्रवाई की, जिसके बाद रोशनी जन्तवाल ने आयुक्त का आभार व्यक्त किया। इसी प्रकार, छाया नेगी और जीवंती नेगी ने हिम्मतपुर तल्ला क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर भूपाल सिंह द्वारा भूमि खरीदने के बावजूद कब्जा न मिलने की शिकायत की। आयुक्त ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पटवारी को तत्काल पैमाइश कराकर शिकायत कर्ताओं को उनकी वास्तविक भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अनुराधा और अन्य चार व्यक्तियों ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2005 में बिल्डर गणेश सिंह राणा से खरीदी भूमि पर एग्रीमेंट के अनुसार पेयजल, सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। कुछ खरीदारों को वास्तविक भूखंडों की पहचान भी नहीं हो पा रही थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयुक्त ने पटवारी को मौके पर जाकर रोड, पेयजल लाइन और विद्युत पोल की स्थिति का निरीक्षण करने और भूमि की पैमाइश कर सभी खरीदारों को उनके वास्तविक प्लॉट पर कब्जा दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि एग्रीमेंट का शत-प्रतिशत अनुपालन हर हाल में सुनिश्चित कराया जाए। जनसुनवाई में महेन्द्र सिंह, जितेन्द्र सिंह, ठाकुर चन्द्र और छाया नेगी समेत कई लोगों ने भूमि धोखाधड़ी और कब्जे संबंधी समस्याएं रखीं, जिनमें से अधिकांश का समाधान मौके पर किया गया। शेष मामलों को निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। आयुक्त दीपक रावत ने कहा कि वर्तमान समय में भूमि खरीद-फरोख्त से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसलिए नागरिक सतर्क रहें और किसी भी प्रकार के लैंड Úॉड से बचने के लिए भूमि से जुड़े सभी दस्तावेजों की गहन जांच अवश्य करें। उन्होंने भूमि खरीदने से पहले निम्न बातों की अनिवार्य पुष्टि करने की अपील कीकृभूमि का रिकॉर्ड राजस्व विभाग/भूलेख पोर्टल पर मिलान करें, खतौनी, खसरा, नक्शा तथा स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज आधिकारिक स्रोत से सत्यापित कराएं, विक्रेता की पहचान और स्वामित्व की जांच करें, भूमि पर किसी प्रकार का न्यायालयीय रोक, बंधक या कब्जा न हो यह सुनिश्चित करें, दलालों पर निर्भर न रहें और रजिस्ट्री से पूर्व भूमि की पैमाइश अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि किसी भी संदेह की स्थिति में नागरिक तुरंत तहसील, राजस्व विभाग या पुलिस प्रशासन से संपर्क करें और धोखाधड़ी की आशंका होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएं। आयुक्त ने नागरिकों से अपील की कि भूमि खरीद में जल्दबाजी न करें और संपूर्ण सत्यापन के बाद ही लेनदेन करें, जिससे आर्थिक नुकसान और कानूनी जटिलताओं से बचा जा सके।
