February 12, 2026

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जनजाति गौरव दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नानकमत्ता क्षेत्र और जनजाति समाज के लिए की कई घोषणाएं

नानकमत्ता। भगवान बिरसा मुण्डा की 150 की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप जलाकार शुुभारम्भ किया। इस अवसर पर सीएम धामी ने नानक सागर को टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाये जाने सहित कई अहम घोषणाएं भी की। सीएम धामी ने जनजाति गौरव दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनजाति समाज के नायक बिरसा मुंडा का समाज के लिए बहुत बढ़ा योगदान था, जिनके इतिहास को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। सीएम धामी ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जनजाति समाज के गोरव साहस और स्वाभिमान के अमर प्रतीक हैं। जिन्होंने जीवन काल में वो अदभुत कार्य करके दिखाया जो सदियों तक समाज को प्रेरित करते रहेंगे। उन्होंने अल्पायु में स्वतंत्रता स्वाधिकार आत्म सम्मान की ऐसी चेतना समाज में जागृत की जिसने पूरे जनजाति समाज को एकजुट कर एक नई दिशा प्रदान की। उनके आंदोलन ने केवल अन्याय और अत्याचार के खिलाफ व्यापक रूप से जनजागण किया बल्कि सामाजिक न्याय समान अधिकार और स्वतंत्र स्वाभिमानी राष्ट्र की परिकल्पना की भी एक नई दिशा प्रदान की। उन्होंने जनजाति समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाकर जनजाति समाज को संगठित करने का काम किया। भारत प्रत्येक नागरिक उन्हें एक ऐसे महामानव के रूप में याद करेगा जिन्होंने साहस संकल्प और त्याग के बल पर इतिहास की धारा को मोड़ने का काम किया। सीएम धामी ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज के अस्तित्व अस्मिता और आत्मनिर्भता के लिए जो मंत्र दिया था उसका आज पूरे देश के अंदर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अक्षरसः पालन किया जा रहा है। भगवान बिरसा मुंडा की सोच को धरातल पर उतारने का काम किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती को जनजाति गौरव दिवस के रूप में मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। उन्होने करीब दो सौ करोड़ की लागत से आदि स्वतंत्रता सेनानियों के संग्रहालय बनवाये हैं जिससे देश भर में आदिवासी संस्कृति और योगदान को सम्मान मिला है। हमें गर्व है कि आज संथाल आदिवासियों की बेटी श्रीमती द्रोपदी मुर्मू हमारे देश की राष्ट्रपति हैं। ऐसा केवल और केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में ही संभव है। प्रधानमंत्री मोदी ने जनजाति समाज के विकास के लिए बजट को भी तीन गुना बढ़ाकर आदिवासी समाज को सशक्त बनाने का काम किया है। कई योजनाओं के माध्यम से जनजाति समाज को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है।प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार भी उत्तराखण्ड के आदिवासी एवं जनजाति समुदाय के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री जनजाति उन्नत ग्राम अभियान के अंतर्गत उत्तराखण्ड में 128 जनजाति गांवों का चयन किया गया है, जिसके माध्यम से चयनित गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास, आर्थिक सशक्तिकरण बेहतर शिक्षा व्यवस्था और स्वस्थ जीवन को बढ़ावा दिया जायेगा। यही नहीं हमारे राज्य में चार एकलव्य आदर्श विद्यालय संचालित किये जा रहे हैं। जिससे जनजाति समुदाय के छात्रें को निःशुल्क शिक्षा एवं हॉस्टिल की सुविधा प्रदान की जा रही है। इसके अलावा देहरादून और बाजपुर में नये आवासीय विद्यालयों का निर्माण तेजी से चल रहा है। शैक्षिक उत्थान के लिए वर्तमान में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। बेरोजगार युवक युवतियों को तकनीकी शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रदेश में तीन आईटीआई संस्थानों का संचालन भी किया जा रहा है। जनजाति वर्ग के छात्र-छात्रओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की गयी है। साथ ही उन्हें प्रतिमाह छात्रवृत्ति भी प्रदान की जा रही है। हमारी सरकार जनजाति वर्ग की बच्चियों के विवाह के लिए अनुदान भी प्रदान कर रही है। इतना ही नहीं हमने जनजाति शोध संस्थान के लिए एक करोड़ का कारपस फण्ड भी बनाया है। इसके अतिरिक्त जनजाति संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिवर्ष राज्य जनजाति महोत्सव और खेल महोत्सव आयोजित किये जा रहे हैं। सीएम धामी ने कहा कि नानकमत्ता का इतिहास केवल धार्मिक महत्ता तक सीमित नहीं है बल्कि ये भूमि सामाजिक समरसता और न्याय और समानता की जीवंत प्रतीक रही है। ये पवित्र धरा श्री गुरूनानक देव जी की दिव्य शिक्षाओं से लेकर समृद्ध जनजाति परंपराओं की साक्षी रही है। गुरूनानक देव जी और भगवान बिरसामुंडा दोनों ने ही अपनी शिक्षाओं से समाज को सशक्त जागरूक और कुरीतियों से मुक्त बनाने का संदेश दिया। बिरसा मुंडा जी ने धर्मांतरण जैसी गंभीर समस्या के खिलाफ भी आंदोलन करके समाज को जागरूक करने का काम किया। आज उन्हीं से प्रेरणा लेकर हमारी सरकार भी उत्तराखण्ड में सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरिक्षत रखने के लिए संकल्पित होकर काम कर रहा है। हमने सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू करने के साथ ही लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकता के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की है। सबसे पहले हमने नागरिक संहिता का कानून लागू करके सभी को समान अधिकार देने का काम भी किया है। सीएम धामी ने कहा मैं विश्वास दिलाता हूं कि जनजाति आदिवासी समाज के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। समाज के प्रत्येक वर्ग को जब हम साथ लेकर आगे बढ़ेंगे तभी हमारा राज्य समृद्ध और खुशहाल होगा। सीएम धामी ने कहा कि यहां पर कई समस्याएं और मांगें सामने रखी गयी हैं इनका परीक्षण करने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जायेगी। कार्यक्रम में सीएम धामी ने नानकमत्ता में जनजाति समाज के लिए निःशुल्क कोचिंग सेंटर खोलने की घोषणा की। धान खरीद की समस्या को लेकर सीएम धामी ने कहा कि फिर से पोर्टल खुलवाकर किसानों को परेशानी नहीं आने दी जायेगी। इसके साथ ही सीएम धामी ने कहा कि साधू नगर स्थित कैलाश नदी में पुल का निर्माण जल्द किया जायेगा। राय सिक्ख भवन के निर्माण के लिए भी धनराशि प्रदान की जायेगी। नानकमत्ता को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए नानक सागर बांध को टूरिस्ट डेस्टिनेंशन बनाया जायेगा। सनातन धर्म उत्थान समिति नानकमत्ता के भवन एवं मंदिर निर्माण के लिए भी धनराशि प्रदान की जायेगी। ध्यानपुर से बरकी डांडी,औदली से डोहरी वाले मार्ग का डामरीकरण किया जायेगा। पर्वतीय उत्थान समिति के अतिरिक्त कक्ष के निर्माण के लिए भी धनराशि दी जायेगी। खटीमा बस स्टेशन का नाम महाराणा प्रताप बस स्टेशन किया जायेगा। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, विधायक गोपाल सिंह राणा, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, फरजाना बेगम, प्रेम सिंह टुरना, पालिकाध्यक्ष रमेश चन्द्र जोशी, श्रीपाल राणा, मंजीत सिंह, राजेश कुमार, दान सिंह रावत, नंदन सिंह खड़ायत, ओमनारायण, विकास गुलाटी, गोपाल सिंह, जीवन सिंह, नानक चरण राणा, रमेश जोशी, अमित पाण्डे, हेमवती राणा आदि सहित तमाम लोग मौजूद थे।

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