कैदियों को प्रशिक्षित कर बनाया जा रहा आत्मनिर्भर, केन्द्रीय कारागार का आईजी ने किया निरीक्षण
सितारगंज।केन्द्रीय कारागार का पुलिस महानिरीक्षक करण सिंह नगन्याल ने व्यापक निरीक्षण, कर जेल में सुधारात्मक प्रयासों की सराहना की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कारागार परिसर का विस्तृत भ्रमण कर व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। कारागार प्रशासन द्वारा संचालित सुधारात्मक एवं उत्पादक गतिविधियों की सराहना की।जेल प्रशासन ने आईजी नागन्याल को बताया गया कि कारागार में मिंडा कॉर्पाेरेशन द्वारा लगभग 60 बन्दियों को वायर हार्नेस निर्माण कार्य में प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त कारागार में पूर्ण विकसित दर्जी इकाई, लोहार इकाई, बढ़ईगीरी इकाई, नर्सरी एवं मिट्टðी के गमले निर्माण कार्य तथा बंदियों के सेवन हेतु शुद्ध ऑर्गेनिक सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है स इन सभी गतिविधियों का उद्देश्य बन्दियों के व्यक्तित्व विकास एवं पुनर्वास के अवसर सुलभ कराना है। इस अवसर पर आईजी नागन्याल ने नव निर्मित आधुनिक बन्दी कल्याणकारी कैंटीन भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने इसके साफ-सुथरे एवं सुव्यवस्थित निर्माण की विशेष प्रशंसा की।उन्होंने जेल रेडियो कक्ष का भी अवलोकन किया, जहाँ बन्दियों द्वारा प्रतिदिन भेजी जाने वाली ष्फरमाइशेंष् इन-हाउस रेडियो जॉकी द्वारा प्रसारित की जाती हैं। इस पहल को नवाचारपूर्ण और सुधारात्मक दिशा में एक अनुकरणीय कदम बताया।निरीक्षण के दौरान आई.जी. ने रसोईघर एवं कारागार बेकरी का भी निरीक्षण किया। वहाँ की स्वच्छता, गुणवत्ता और पोषण स्तर की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि सितारगंज कारागार ने सुधारात्मक प्रयासों को एक नई ऊँचाई दी है, जहाँ अनुशासन और आत्मनिर्भरता दोनों का आदर्श संगम दिखाई देता है। कारागार के सभी बन्दियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनकी समस्याएँ सुनीं। उन्होंने बन्दियों को सकारात्मक सोच एवं आत्म-संवर्धन की दिशा में अग्रसर रहने के लिए प्रेरित किया। कारागार प्रशासन की उत्कृष्ट कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए आईजी नागन्याल ने कहा कि वरिष्ठ अधीक्षक अनुराग मलिक के नेतृत्व में सितारगंज कारागार सुधार एवं नवाचार का केन्द्र बन चुका है। उनके प्रभावी एवं दूरदर्शी नेतृत्व में कारागार में अनुशासन, स्वच्छता और मानवीय संवेदना का समुचित समन्वय देखने को मिलता है।समापन पर आई.जी. ने कारागार गार्ड द्वारा प्रदत्त गार्ड ऑफ ऑनर की प्रशंसा की और समस्त कर्मियों को उनके अनुशासन, तत्परता एवं सेवा-भावना के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे सुधारात्मक प्रयास समाज में पुनर्प्रवेशन एवं पुनर्संस्कार की भावना को सशक्त बनाते हैं।
