उत्तराखण्ड का शहद वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा : धामी
देहरादून । मुख्यमंत्री आवास परिसर में मंगलवार को शहद निष्कासन का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। पहले चरण की इस प्रक्रिया के दौरान कुल 60 किलोग्राम शहद निकाला गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री आवास परिसर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में 3-बी गार्डन यानी बी-Úेंडली गार्डन, बटर-फ्रलाई Úेंडली गार्डन और बर्ड Úेंडली गार्डन विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में मौन पालन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि राज्य में फूलों की विविध और प्रचुर प्रजातियां उपलब्ध हैं जो उच्च गुणवत्ता वाले जैविक शहद उत्पादन में बेहद सहायक साबित होती हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में औषधीय गुणों से भरपूर शहद तैयार करने के लिए स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित और प्रेरित किया जाए ताकि उनकी आजीविका में सुधार हो सके। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और संवर्धन पर भी बल दिया। इस अवसर पर उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित और चेयरमैन देवभूमि पर्वतीय ग्रामोद्योग विकास संस्थान हरबर्टपुर अजय कुमार सैनी मुख्य रूप से मौजूद रहे। वहीं मंगलवार को लोक भवन में स्थापित मधुमक्खियों के बक्सों से शहद निकाला गया। इस वर्ष प्रथम चरण में 15 बक्सों से लगभग 41 किलोग्राम शहद प्राप्त हुआ। ये मधुमक्खी बक्से पुष्प प्रदर्शनी के दौरान लोक भवन परिसर में लगाए गए थे, जिनमें मेलीफेरा प्रजाति की मधुमक्खियाँ रखी गई हैं।इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्रिटनेंट जनरल गुरमीत सिंह ;से निद्ध ने हनी बी प्रोसेसिंग ;शहद निकालने की प्रक्रियाद्ध का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि मधुमक्खी पालन राज्य के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में उत्तराखण्ड का शहद वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा और एक मजबूत ब्रांड के रूप में उभरेगा। राज्यपाल ने कहा कि पर्यटन के प्रमुख केंद्र होने के साथ-साथ उत्तराखण्ड में मधुमक्खी पालन को व्यापक रूप से प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को प्रकृति ने औषधीय एवं सुगंधित पौधों के साथ-साथ जैविक एवं प्राकृतिक खेती की अपार संभावनाएं प्रदान की हैं, जिनका उपयोग कर मधुमक्खी पालन को और अधिक विकसित किया जा सकता है। इस अवसर पर प्रथम महिला श्रीमती गुरमीत कौर, उद्यान अधिकारी श्री दीपक पुरोहित, नेशनल बी बोर्ड के सदस्य श्री अजय सैनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
