सुप्रीम कोर्ट में टली सुनवाई: पीएसी जवान रहेंगे तैनात, हर गतिविधिा पर पुलिस की नजर रहेगी
अगली तारीख दस दिसंबर तय होने पर अतिक्रमणकारियो ने ली राहत की सांस
हल्द्वानी। बनभूलपुरा के पास रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जे को हटाने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है। फैसले के इंतजार में लोग दिन भर इसके दोनों पहलुओं पर चर्चा करते नजर आए। उम्मीद और आशंकाओं के बीच मंगलवार शाम करीब चार बजे सुपी्रम कोर्ट में सुनवाई के लिए अगली तारीख 10 दिसंबर तय होने पर सबने राहत की सांस ली। इधर बवाल की आशंका को देखते हुए बनभूलपुरा को हाईअलर्ट पर रखा गया था। एहतियातन पूरे इलाके को जीरो जोन में रखा था। दिनभर बनभूलपुरा और उसको जोड़ने वाले मार्गों पर पुलिस फोर्स की चहलकदमी रही। अंदरूनी इलाकों पर सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी रखी गई। हल्द्वानी रेलवे जमीन पर अतिक्रमण के प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट से नई तारीख मिलने के बाद क्षेत्र में राहत है। यहां संभावित बवाल की आशंका के बीच 400 से ज्यादा पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई थी। बुधवार सुबह आठ बजे तक ज्यादातर फोर्स को उनके थानों को वापस किया जाएगा। क्षेत्र में स्थानीय पुलिस के साथ ही पीएसी जवानों की डड्ढूटी रहेगी। एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि बनभूलपुरा में आठ थानों की फोर्स के साथ ही पीएसी जवान सहित 400 से ज्यादा पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई थी। आरपीएफ और जीआरपी के 50 से ज्यादा पुलिस कर्मी भी तैनात रहे। बनभूलपुरा में स्थिति सामान्य है। अगली सुनवाई की तिथि से पहले फिर निर्धारित प्वाइंट पर फोर्स का डिस्ट्रीब्यूशन होगा। यहां पर थाना पुलिस के अलावा पीएसी जवानों की तैनाती अगले कई दिनों तक रहेगी। नियमित गश्त और क्षेत्र की हर गतिविधि पर पुलिस की नजर रहेगी। रेलवे की जमीन पर डेढ़ दशक से ज्यादा समय से विवाद चल रहा है। रेलवे ने जमीन को अपना बताया और अतिक्रमण का मामला कोर्ट में पहुंच गया था। रेलवे के अनुसार उसकी 29 एकड़ से ज्यादा जमीन पर 4365 से अधिक मकान बन चुके हैं। मामले में सुप्रीम कोर्ट में अंतिम बहस और फैसला होना था। फैसले के बाद बवाल की आशंका में पुलिस और प्रशासन ने पूरे हल्द्वानी को अलर्ट पर रखते हुए बनभूलपुरा क्षेत्र को जीरो जोन बनाया। शहर के अंदर भारी वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया। मंगलवार सुबह छह बजे से ही पुलिस फोर्स निर्धारित स्थानों पर तैनात हो गई। रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट के साथ ही नया बाजार, गौलापार बाईपास सहित कई स्थानों पर बैरियर लगाकर बनभूलपुरा क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश रोक दिया। सुबह ही एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी बनभूलपुरा थाने पहुंच गए। यहां से वह टीम के साथ फीडबैक लेकर क्षेत्र के अंदर पैदल ही भ्रमण पर निकले। उनके साथ एसपी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल, एएसपी दीपशिखा अग्रवाल, सीओ हल्द्वानी अमित कुमार सैनी सहित अन्य अफसरों ने पैदल मार्च किया।कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के जरिये मॉनीटरिंग की गई। किसी भी क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि नहीं दिखी। एसएसपी ने कंट्रोल रूम के पुलिस अधिकारियों को हर स्थिति पर नजर रखने के लिए कहा। एएसपी दूरसंचार रेवाधर मठपाल ने कुछ और कैमरे लगाए के निर्देश दिए। रेलवे स्टेशन हल्द्वानी परिसर में डीआईजी चंद्र प्रकाश मिश्र ने सुरक्षा की कमान संभाली। सुबह वह आरपीएफ और जीआरपी के साथ रेलवे स्टेशन में मार्च किया। डीआईजी के अलावा एएससी सीओ जीआरपी स्वप्निल मुयाल, एसओ जीआरपी कमल सिंह कोरंगा के साथ 51 कर्मी सुरक्षा के लिए तैनात रहे। यूपीसीएल व जल संस्थान के अधिकारी भी अलर्ट रहे। जल संस्थान के एई रवींद्र कुमार ने बताया कि मंगलवार को पानी भरकर 10 टैंकर खड़े किए गए थे। यूपीसीएल ने भी सतर्कता बनाए रखी। एसएसपी डा. मंजूनाथ टीसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद उसका शत प्रतिशत अनुपालन कराना था। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस तैयार थी। पर्याप्त फोर्स की तैनाती थी। अब सुनवाई की अगली डेट लगी है। इसके पहले भी सुरक्षा चुस्त रखी जाएगी। क्षेत्र में सीसीटीवी और ड्रोन के जरिए निगरानी जारी रहेगी। सोशल मीडिया मानीटरिंग के जरिए अफवाह फैलाने वालों पर भी पुलिस की नजर है।
