जिन्नात के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़
काशीपुर/रुद्रपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर अजय गणपति के कुशल निर्देशन में जनपद पुलिस ने अंधविश्वास और धोखाधड़ी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। ‘जिन्न/जिन्नात’ के नाम पर भोले- भाले ग्रामीणों को रुपये डबल करने का झांसा देकर डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले संगठित गिरोह के तीन मुख्य अभियुक्तों को कोतवाली आईटीआई पुलिस ने गिरफ्रतार किया है। इस गिरोह ने धर्म और अंधविश्वास का सहारा लेकर सैकड़ों लोगों की जीवन भर की जमा पूंजी हड़प ली थी। घटनाक्रम के अनुसार, 16 फरवरी 2026 को ग्राम बांसखेड़ा निवासी शकील अहमद ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि गांव के ही सरताज अली उर्फ कादरी बाबा, सफीक अहमद और मोहम्मद आरिफ ने ग्रामीणों को अपने जाल में फंसाया हुआ है। सरताज अली ने दावा किया था कि उस पर ‘जिन्नात’ आता है, जो पैसों को दोगुना कर देता है। आरोपियों ने इसके लिए बाकायदा कई लुभावनी स्कीमें चलाई थीं, जिनमें 15,500 रुपये जमा करने पर 40 दिन में 20,000 रुपये देने, विधवाओं के लिए 6,500 रुपये और बच्चियों के नाम पर 12,500 रुपये जमा करने जैसी योजनाएं शामिल थीं। गिरोह के सदस्यों ने घर-घर जाकर प्रचार किया कि बाबा से जुड़ने वालों के पास जिन्नात के माध्यम से अपार धन आ रहा है, जिससे उन्होंने महंगी गाड़ियां और संपत्तियां खरीदी हैं। पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अभियुक्तों ने ग्रामीणों से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की रकम इकट्टòा की थी। ठगी की इस काली कमाई से सफीक ने 20 लाख का मकान और बलेनो कार खरीदी, आरिफ ने 10 लाख का प्लॉट लिया, जबकि मुख्य आरोपी सरताज अली उर्फ कादरी बाबा ने धीमरखेड़ा में प्लॉट लेकर मकान बनवाया और बोलेरो गाड़ी खरीदी। जब पीड़ितों ने अपना पैसा वापस मांगा, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। मामले की गंभीरता देखते हुए एसएसपी ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर विशेष टीमों का गठन किया। गिरफ्रतारी से बचने के लिए आरोपी अपने घरों में ताला लगाकर उत्तर प्रदेश भाग गए थे। पुलिस टीमों ने घेराबंदी करते हुए 17 फरवरी को मुख्य आरोपी सरताज अली उर्फ कादरी बाबा उर्फ सैयद मियां, शफीक और आरिफ को जिला रामपुर ;उत्तर प्रदेशद्ध से धर दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने सुनियोजित षडड्ढंत्र के तहत अंधविश्वास फैलाकर लोगों को ठगा है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है। सफलता पाने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक रवि कुमार, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अरविंद बहुगुणा, उपनिरीक्षक मनोज धोनी और अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। एसएसपी अजय गणपति ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के अंधविश्वास या रुपये दोगुना करने वाले लालच में न आएं और ऐसी संदिग्ध गतिविधियों
की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
