एसआईटी जांच के लिए हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बीएस वर्मा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया
एसआईटी को खालिद से जब्त मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा मामले में गठित एसआईटी की जांच न्यायिक निगरानी में कराने के लिए प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश व सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति बीएस वर्मा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। सचिव गृह शैलेश बगौली ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। न्यायमूर्ति बीएस वर्मा एसआईटी के माध्यम से की जा रही जांच की बारीकी से निगरानी करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों पर आधारित हो। उन्हें आवश्यकता अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर शिकायतों व सूचनाओं का संज्ञान लेने और एसआईटी को मार्गदर्शन देने का अधिकार भी प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद शासन ने स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा प्रकरण की जांच के लिए 24 सितंबर को पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) जया बलोनी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन किया। एसआईटी एक माह के भीतर सरकार को जांच रिपोर्ट सौंपेगी। प्रश्नपत्र बाहर आने के मामले में एसआईटी ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को पत्र भेजकर जानकारी मांगी है। कहा है कि खालिद ने जिन चार परीक्षा केंद्रों के लिए आवेदन किए थे, उनमें प्रत्येक फार्म के साथ कितने और कौन से दस्तावेज दाखिल किए। उन दस्तावेजों की प्रति और जानकारी मांगी गई है। साथ ही मामले में बृहस्पतिवार को खालिद से रि-क्रिएट करवाए गए क्राइम सीन को दस्तावेजी साक्ष्य के तौर पर केस डायरी में दाखिल किया। एसआईटी को खालिद से जब्त मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट का भी इंतजार है।
