भाजपा की एआई पोस्ट के खिलाफ पूर्व सीएम हरीश रावत ने दी तहरीर, एफआईआर दर्ज करने की मांग
कहा: झूठ और नफरत के खिलाफ किया जाएगा संघर्ष : जब तक भाजपा के कुकृत्यों के खिलाफ पुलिस एफआईआर नहीं कर लेती, तब तक हम यहां से नहीं उठेंगे
देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने भाजपा द्वारा कथित रूप से एआई तकनीक से तैयार वीडियो वायरल किए जाने के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत हरीश रावत सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ नेहरू कॉलोनी पुलिस थाने पहुंचे और भाजपा के खिलाफ तहरीर सौंपते हुए कानूनी कार्रवाई तथा एफआईआर दर्ज करने की मांग की।इस मौके पर पूर्व सीएम ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा नेताओं के झूठ और दुष्प्रचार के खिलाफ संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संविधानिक व्यवस्था में किसी भी सरकार को धर्म के आधार पर राजनीति करने का अधिकार नहीं है, लेकिन चुनाव नजदीक आते ही भाजपा समाज को बांटने और भ्रम फैलाने का काम कर रही है।हरीश रावत ने आरोप लगाया कि सैद्धांतिक विरोध करने वालों को देशद्रोही करार दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “अगर मैं देशद्रोही हूं तो भाजपा इसे साबित करे। लोकतंत्र विचारों से चलता है, फर्जी वीडियो और नफरत से नहीं। पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा ने 2017 और 2022 में झूठ के सहारे सत्ता हासिल की। कभी सरकारी दफ्तरों में जुमे की नमाज के लिए छुट्टी देने का झूठा प्रचार किया गया, तो कभी मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने की बात फैलाई गई। उन्होंने कहा कि भाजपा के झूठ का पर्दाफाश करने के लिए पहले भी न्याय यात्रा निकाली गई थी, लेकिन अब उनके खिलाफ जिस तरह का हमला किया गया है, वह सभी सीमाएं पार कर चुका है।हरीश रावत ने कहा कि भाजपा बिना समाज को बांटे चुनाव जीत ही नहीं सकती, क्योंकि उसके पास जनता को बताने के लिए कोई सकारात्मक उपलब्धि नहीं है। महंगाई, रोजगार, पलायन, विकास, जनकल्याण, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर भाजपा पूरी तरह विफल रही है।उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सत्य, विकास और जनकल्याण के एजेंडे पर कभी चुनाव नहीं जीत सकती, खासकर उत्तराखंड में। उन्होंने आरोप लगाया कि 2017, 2019 और 2022 में झूठ बोला गया और अब 2027 के चुनावों को देखते हुए फिर से झूठ की जमीन तैयार की जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने एआई के दुरुपयोग को गंभीर बताते हुए कहा कि स्वयं प्रधानमंत्री वैश्विक मंचों पर एआई के दुरुपयोग से होने वाली समस्याओं की बात कर रहे हैं, जबकि उत्तराखंड में भाजपा अपने मुख्य फेसबुक पेज पर उनके खिलाफ एआई से तैयार वीडियो पोस्ट कर बदनाम करने का प्रयास कर रही है। हरीश रावत ने कहा कि वे इस अपमान और आक्रोश को भीतर दबाकर न्याय के लिए पुलिस थाने आए हैं। यदि न्याय नहीं मिला तो भाजपा कार्यालय में आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि सात दिनों तक वे भाजपा कार्यालय के बाहर प्रतीकात्मक विरोध करेंगे और “भोपू” लेकर भाजपा के झूठ के खिलाफ सच्चाई जनता के सामने रखेंगे। उन्होंने कहा कि वे लगातार यह सवाल उठाएंगे कि क्या वे वास्तव में देशद्रोही हैं।
