उत्तराखंड में सीजन की पहली बर्फबारी : अधिकांश जिलों में बादल छाए,बर्फबारी और बरसात नेे बढ़ाई ठंड
यमुनोत्री और गंगोत्री धाम, देहरादून जनपद के चकराता, मसूरी और धनोल्टी में सुबह से लगातार हिमपात
देहरादून/नैनीताल। उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में व्यापक असर देखने को मिल रहा है। ऊंचाई वाले इलाकों में इस सर्दी की पहली बर्फबारी शुरू हो चुकी है, जिससे जनजीवन के साथ-साथ यातायात और पर्यटन गतिविधियों पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। उत्तरकाशी के यमुनोत्री और गंगोत्री धाम, देहरादून जनपद के चकराता, मसूरी और धनोल्टी में सुबह से लगातार हिमपात हो रहा है। वहीं रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ धाम में भी ताजा बर्फ गिरने की सूचना है। राजधानी देहरादून में सुबह हल्की बूंदाबांदी के बाद तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे ठंड का अहसास बढ़ गया है। नैनीताल, अल्मोड़ा, ऊधम सिंह नगर, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में बादल छाए रहने के कारण दिनभर ठिठुरन बनी रही। मौसम विभाग ने 23 जनवरी को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, देहरादून, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अन्य जिलों में ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। विशेषज्ञों का कहना है कि 28 जनवरी तक प्रदेश में मौसम अस्थिर बना रह सकता है। हालांकि बीते दिनों जारी कुछ पूर्वानुमान पूरी तरह सटीक साबित नहीं हुए थे, लेकिन वर्तमान हालात में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव स्पष्ट नजर आ रहा है। गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के कई इलाकों में आज बारिश की संभावना जताई गई है। विशेष रूप से चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में;शेष पृष्ठ सात परद्धें मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है। मैदानी क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश से तापमान में और गिरावट आने के आसार हैं, जिससे सुबह और रात के समय कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है और यात्रियों से पहाड़ी मार्गों पर निकलने से पहले मौसम की जानकारी लेने की अपील की है। किसानों को फसलों को सुरक्षित रखने और पर्यटकों को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।




