देहरादून में अपराधियों के बेखौफ हौसले: जिम के बाहर प्रोपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या,30 से अधिक हत्या के मुकदमे दर्ज थे
जिम में वर्कआउट करके लौट रहा था कारोबारी विक्रम शर्मा
देहरादून (उद संवाददाता)। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अपराधियों के बेखौफ हौसले और कानून व्यवस्था की बदहाली ने आम जनमानस को दहशत के साये में जीने को मजबूर कर दिया है। अभी दो दिन पूर्व हुए अर्जुन शर्मा हत्याकांड की सनसनी शांत भी नहीं हुई थी कि शुक्रवार की सुबह राजपुर रोड जैसे पॉश इलाके में एक और दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया गया। राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी कॉम्प्लेक्स के बाहर अज्ञात बदमाशों ने जिम से वर्कआउट कर बाहर निकल रहे प्रॉपर्टी और खनन कारोबारी विक्रम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावरों ने विक्रम के सिर पर करीब से गोलियां दागीं, जिससे वह मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में पुलिसिया इकबाल और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वारदात की सूचना मिलते ही एसएसपी देहरादून समेत भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया।वहीं आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने मौके पर पहुंचकर हत्याकांड की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच में जुटी है। हत्या के वास्तिविक कारणों का पता लगाकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी। सहस्त्रधारा रोड निवासी विक्रम सिंह के बारे में बताया जा रहा है कि वह जमीन और खनन के कारोबार से जुड़े थे। पुलिस फिलहाल पुरानी रंजिश और व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता समेत तमाम पहलुओं पर जांच कर रही है। मृतक युवक झारखंड का कुख्यात अपराधि बताया जा रहा है जिस पर 50 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज है । आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों के भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके। बताया गया है कि मृतक विक्रम शर्मा गैंगस्टर था। उस पर 50 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। उस पर 30 से अधिक हत्या के मुकदमे दर्ज थे। मामले के तार झारखंड गैंग से जोड़े जा रहे हैं। पुलिस इस घटना को गैंगवार से जोड़ रही है। बताया जा रहा है कि करीब 10 साल पहले विक्रम शर्मा को झारखंड पुलिस गिरफ्तार करके ले गई थी। लंबे समय तक वह जेल में बंद रहा। अब वह अंडरग्राउंड रहकर धंधे कर रहा था। फिलहाल सरेआम हुई इस हत्या ने पुलिस के गश्ती दावों की पोल खोल दी है। फरवरी का यह महीना देहरादून के लिए अत्यंत दुखद और हिंसक साबित हो रहा है। पिछले मात्र 12 दिनों के भीतर राजधानी और आसपास के क्षेत्रें में यह चौथी बड़ी हत्या है। इससे पहले 2 फरवरी को दूल्हा बाजार में गुंजन हत्याकांड, 29 जनवरी को विकासनगर में छात्र मनीषा तोमर की हत्या और बीते बुधवार को तिब्बती मार्केट के बाहर गैस एजेंसी संचालक अर्जुन शर्मा की दिनदहाड़े हत्या ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया था। हालाँकि अर्जुन शर्मा हत्याकांड में पुलिस ने खुलासा किया कि उनकी सगी माँ ने ही सुपारी देकर बेटे की हत्या करवाई थी, लेकिन अपराधों की यह निरंतरता पुलिस के लिए सिरदर्द बन गई है। ऋषिकेश में प्रीति रावत की हत्या और अब राजपुर रोड पर विक्रम सिंह के कत्ल ने अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ खत्म होने के पुख्ता संकेत दिए हैं। लगातार हो रही इन वारदातों से स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में भारी रोष व्याप्त है, जो खुद को अपनी ही राजधानी में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

