आधाुनिक तकनीक और पारंपरिक ज्ञान से समृद्ध बनेंगे किसानः धामी
पंतनगर में आयोजित 119वें अिखल भारतीय किसान मेले का मुख्यमंत्री ने किया औपचारिक उदघाटन
पंतनगर (उद संवाददाता)। देश में हरित क्रांति की जननी रहे गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के गांधी मैदान में शनिवार को 119वें अिखल भारतीय किसान मेले एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ है जिसने अपनी शोध और मेहनत से भारत को अनाज के मामले में आत्मनिर्भर बनाया है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह के साथ मेले में लगी विभिन्न कृषि प्रदर्शनी और स्टॉलों का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने उन्नत किस्म के बीजों, आधुनिक खाद, कीटनाशकों और विशेष रूप से ड्रोन तकनीक एवं सौर ऊर्जा से चलने वाले कृषि यंत्रें में गहरी रुचि दिखाई।

मुख्यमंत्री ने स्टॉलों पर मौजूद वैज्ञानिकों और उद्यमियों से संवाद करते हुए कहा कि हमें ऐसी मशीनरी विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए जो हमारे उत्तराखंड के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रें के छोटे किसानों के लिए भी किफायती और सुलभ हो। इस मौके पर कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह और शॉल भेंट कर सम्मानित किया तथा विश्वविद्यालय की भावी योजनाओं की जानकारी दी। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन संकल्प से सिद्धि को साकार करने के लिए हमारी सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य पर निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज का युग विज्ञान और सूचना तंत्र का है, इसलिए अब किसानों को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने किसानों से श्लैब टू लैंडश् यानी प्रयोगशाला की तकनीक को खेत की मिट्टी तक उतारने का आ“वान किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड सरकार जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष क्लस्टर बना रही है ताकि यहां के उत्पादों को वैश्विक बाजार में हिमालयी ब्रांड के रूप में नई पहचान मिल सके। मुख्यमंत्री ने बागवानी और फूलों की खेती (फ्लोरीकल्चर) पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रदेश में एप्पल मिशन और कीवी मिशन के माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी सुधार लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को निर्देश दिए कि वे जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए कम पानी में अधिक पैदावार देने वाली किस्मों पर शोध करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र के लिए बजट का एक बड़ा हिस्सा आवंटित कर रही है ताकि हर किसान को समय पर खाद, बीज और सिंचाई की सुविधा मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसान मेला मात्र एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह प्रगतिशील विचारों के आदान-प्रदान का एक बड़ा मंच है जहाँ का ज्ञान लेकर किसान अपने खेतों की तकदीर बदल सकता है। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से आए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि जब एक किसान सफल होता है, तो पूरा गांव और देश आगे बढ़ता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि पंतनगर की इस पावन धरा से शुरू हुआ यह मेला प्रदेश के कृषि परिदृश्य में मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का भ्रमण करते हुए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की भी सराहना की और उन्हें स्थानीय उत्पादों की मार्केटिंग में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर विधायक तिलकराज बेहड़, पूर्व विधायक राजेश श्ुाकला, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्या, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, कुलपति मनमोहन सिंह, मेयर विकास शर्मा, अनिल कपूर डब्बू सहित तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे।
