February 4, 2026

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फर्जी एसटीएफ अफसर ने लगाई लाखों की चपत

रूद्रपुर (उद संवाददाता)। खुद को एसटीएफ अधिकारी बताकर आरपीएफ में भर्ती कराने के नाम पर लाखों की ठगी करने का मामला सामने आया है। ठग ने झांसे में लेकर पीड़ित से अलग-अलग किस्तों में कुल 6 लाख 35 हजार रुपये हड़प लिए। अब पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर अज्ञात जालसाज के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। गणेश गार्डन फुलसुंगा निवासी रामेश्वर सिंह पुत्र प्रभु दयाल ने साइबर सेल में दी तहरीर में बताया कि 3 फरवरी 2025 को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। फोन करने वाले व्यक्ति ने अपना परिचय एसटीएफ अधिकारी नीरज यादव के रूप में दिया। जालसाज ने पीड़ित पर प्रभाव जमाने के लिए दावा किया कि उसका भाई मनोज यादव दिल्ली में आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) का महानिदेशक है। उसने पीड़ित को प्रलोभन दिया कि यदि कोई आरपीएफ में सरकारी पद पर भर्ती होना चाहता है, तो वह उसकी मदद कर सकता है। जालसाज की बातों में आकर रामेश्वर सिंह ने अपने भाई पंकज दयाल और अमर की नौकरी लगवाने की इच्छा जताई। इसके बाद ठग ने व्हाट्सएप के माध्यम से दोनों भाइयों के शैक्षणिक और अन्य दस्तावेज मंगा लिए। कुछ दिनों बाद ठग ने दोबारा संपर्क कर बताया कि दोनों का पंजीकरण हो गया है और फाइल आगे बढ़ाने के लिए रुपयों की आवश्यकता है। झांसे में आकर पीड़ित ने 5 फरवरी 2025 को पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये बताए गए गूगल पे अकाउंट में जमा कर दिए। इसके बाद आरोपी लगातार पंजीकरण और अन्य विभागीय प्रक्रियाओं के नाम पर रुपयों की मांग करता रहा। पीड़ित ने भरोसा करते हुए समय-समय पर कुल 6 लाख 35 हजार रुपये आरोपी के खाते में डाल दिए। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब भाइयों की नौकरी नहीं लगी और आरोपी ने फिर से रुपयों की मांग शुरू कर दी, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। रामेश्वर सिंह ने साइबर सेल से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और अपने पैसे वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है और जिस मोबाइल नंबर व बैंक खाते का उपयोग हुआ है, उसे ट्रेस किया जा रहा है।
दुकान का बैनामा करने के नाम पर 15 लाख ठगे
काशीपुर(उद संवाददाता)। दुकान का बैनामा करने के नाम पर एक भू माफिया ने हज्जाम से 15 लाख रुपए ठग लिए। रकम वापस मांगने पर उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। क्षेत्रधिकारी पुलिस को दी तहरीर में गांव शिवलालपुर अमर झंडा निवासी इरम पुत्री नबी हसन ने बताया कि उसके अलावा उसकी तीन बहने और भाई है। वर्ष 2019 में उसके पिता ने पुत्रियों की शादी में खर्च होने वाले धन का इंतजाम करने के लिए अपनी मां व भाई के साथ मिलकर पैतृक संपत्ति बेची और ग्राम सरवरखेड़ा थाना कुंडा निवासी अतीक नामक व्यक्ति से एक दुकान का 15 लाख रूपयों में सौदा किया। नगद व ऑनलाइन के माध्यम से क्रेता ने विक्रेता को समस्त भुगतान कर दिए लेकिन शिकायत करने वाली युवती का आरोप है कि पूरे 6 वर्ष बीत जाने के बाद भी अतीक ने ना तो दुकान का बैनामा किया और ना ही उसके 15 लाख रुपए लौटाए। आज इस संपत्ति की कीमत लगभग 30 लख रुपए हो चुकी है। पीड़िता ने सुबे के मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक, जिलाधिकारी उधम सिंह नगर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उधम सिंह नगर, कुमाऊं कमिश्नर नैनीताल व प्रभारी निरीक्षक कुंडा कोतवाली को प्रेषित शिकायती पत्र में बताया कि उसके पिता सैलून की दुकान चलाकर परिवार का भरण पोषण करते हैं। पैतृक संपत्ति बेचकर मिली रकम ठगी की भेंट चढ़ जाने के बाद से उसका परिवार सदमे में है। पैसा वापस मांगने पर परिवार को मौत के घाट उतारने की धमकी दी जा रही है। उसने शासन में प्रशासन से गुहार लगाई है कि भू माफिया के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही करते हुए उसे इंसाफ दिलाया जाए। यहां बता दे की आरोपी के खिलाफ यदि उच्च स्तरीय कार्यवाही की जाए तो संपत्ति विवाद के और भी कई मामले प्रकाश में आ सकते हैं। सूत्रें का कहना है कि आरोपी ने कुछ सरकारी जमीनों पर भी अवैध कब्जा कर रखा है।

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