धामी कैबिनेट की बैठक में आठ प्रस्तावों पर लगी मुहर
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में हुए आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया
देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए गए। बैठक की शुरुआत में कैबिनेट ने महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में हुए आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अजित पवार को याद करते हुए कहा कि उन्होंने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए सदैव संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया। शोक व्यक्त करने के उपरांत कैबिनेट ने प्रदेश हित से जुड़े आठ मुख्य प्रस्तावों पर चर्चा की और उन्हें मंजूरी दी। ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ‘उत्तराखंड हाइड्रोजन नीति 2026’ को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाएगा और इस पर मिलने वाली सब्सिडी का निर्धारण मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति करेगी। स्वास्थ्य विभाग में बड़ा बदलाव करते हुए कैबिनेट ने तय किया है कि पांच साल की सेवा पूरी करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ता अब आपसी सहमति से अपने गृह जनपद या मनचाहे जिले में तबादला ले सकेंगे। राजस्व विभाग से जुड़े प्रस्ताव पर निर्णय लिया गया कि अब सरकार विकास कार्यों के लिए भूमि अधिग्रहण की लंबी प्रक्रिया के बजाय सीधे जमीन मालिकों से आपसी समझौते के आधार पर भूमि खरीद सकेगी। वहीं, सिडकुल को दी गई पराग फार्म की जमीन के मामले में स्पष्ट किया गया कि यह जमीन बेची नहीं जा सकेगी, हालांकि सिडकुल इसे ‘सब लीज’ पर दे सकेगा। जनजातीय कल्याण को मजबूती देने के लिए देहरादून और उधमसिंह नगर समेत चार जिलों में जिला जनजातीय कल्याण अधिकारी के पदों को स्वीकृति दी गई है। जल संरक्षण और राजस्व वृद्धि की दिशा में सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए गैर-कृषि कार्यों के लिए भूमिगत जल के व्यावसायिक इस्तेमाल पर शुल्क लगाने का निर्णय लिया है। अब औद्योगिक इकाइयों और बड़ी आवासीय सोसायटियों को जल मूल्य प्रभार देना होगा। इसके अलावा चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टðी के संयुक्त संचालन के लिए रक्षा मंत्रलय को सौंपने पर सहमति बनी है। शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत जीआरडी उत्तराखंड विश्वविद्यालय अस्तित्व में आएगा। इसके लिए आगामी बजट सत्र में अध्यादेश लाया जाएगा।
