डीआईजी अमिताभ श्रीवास्तव निलंबित : होमगार्ड विभाग में टेंडर प्रक्रिया में बरती गई थीं अनियमितताएं
भ्रष्टाचार पर मुख्यमंत्री का बड़ा प्रहार
देहरादून (उद संवाददाता)। भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को दोहराते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में वर्दी सामग्री खरीद से जुड़े बड़े घोटाले में संलिप्तता पाए जाने पर निदेशक होमगार्ड (डिप्टी कमांडेंट/डीआईजी रैंक) अमिताभ श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री के इस कड़े कदम से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी पड़ी भारी पूरा मामला वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान होमगार्ड्स के लिए वर्दी सामग्री की खरीद से जुड़ा है। आरोप है कि इस खरीद प्रक्रिया के दौरान नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में भारी वित्तीय अनियमितताएं की गईं। महानिदेशक, होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा, देहरादून की ओर से शासन को भेजी गई गोपनीय रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई थी कि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता का नितांत अभाव रहा और सरकारी मानकों का खुला उल्लंघन किया गया।उच्च स्तरीय जांच के घेरे में अफसर महा निदेशक की ओर से मिली संस्तुति और रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अमिताभ श्रीवास्तव के निलंबन पर मुहर लगाई। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने इस पूरे प्रकरण की तह तक जाने के लिए एक संयुक्त जांच समिति गठित करने के निर्देश भी दिए हैं। यह समिति टेंडर से जुड़े हर दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन की बारीकी से पड़ताल करेगी, ताकि घोटाले की व्यापकता का पता लगाया जा सके।भ्रष्ट आचरण पर सरकार का स्पष्ट संदेश कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति कतई नरमी नहीं बरतेगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधा है और इसे किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि चाहे अधिकारी कितना भी बड़ा क्यों न हो, यदि वह भ्रष्ट आचरण या अनियमितता में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
