धामी के बयान ने बढ़ाई सियासी सरगर्मी : रुद्रपुर से चुनाव लड़ने के जिक्र पर भाजपा खेमे में चर्चाओं का दौर शुरू
चुनाव को लेकर बयान से कहीं खुशी,कहीं गम की स्थिति
रुद्रपुर। सरस मेले के अवसर पर जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा रुद्रपुर से चुनाव लड़ने के जिक्र ने जिले की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। हालांकि मुख्यमंत्री ने यह बात सहज और हल्के अंदाज में कही, लेकिन उनके वक्तव्य के बाद राजनीतिक गलियारों में संभावनाओं और समीकरणों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री का यह बयान कि लोग उनसे रुद्रपुर से चुनाव लड़ने की बात कहते है। राजनीति में खलबली मचाए हुए है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भले ही मुख्यमंत्री ने इसे मजाकिया अंदाज में कहा हो, लेकिन रुद्रपुर से उनका पुराना लगाव और यहां मजबूत जनसमर्थन इस संभावना को पूरी तरह खारिज भी नहीं करता। संगठनात्मक दौर से ही क्षेत्र में सक्रिय रहे धामी का स्थानीय कार्यकर्ताओं और नागरिकों से गहरा संपर्क माना जाता है। भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच भी इस बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पार्टी सूत्रें का कहना है कि यदि भविष्य में ऐसा कोई निर्णय होता है तो इससे क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों में बदलाव संभव है। वहीं कार्यकर्ता इसे संगठन में उत्साह बढ़ाने वाला संदेश भी मान रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी पहले भी रुद्रपुर और आसपास के क्षेत्रें से अपने आत्मीय संबंधों का उल्लेख करते रहे हैं। ऐसे में उनके हालिया बयान को कई लोग उनके दिल की बात मान रहे हैं। फिलहाल इसे राजनीतिक संकेत, भावनात्मक जुड़ाव और संगठनात्मक संदेश तीनों रूपों में देखा जा रहा है। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि यह केवल मंचीय संवाद था या भविष्य की राजनीति का कोई संकेत।
रुद्रपुर से चुनाव लड़ने के जिक्र पर गूंजे नारे
रुद्रपुर। गांधी पार्क में आयोजित सरस मेले के अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जैसे ही रुद्रपुर से चुनाव लड़ने के मुद्दे का जिक्र किया, सभा स्थल पर मौजूद लोगों ने जोरदार नारेबाजी कर उनका समर्थन किया। उनके इस बयान से जहां जनता में उत्साह दिखाई दिया, वहीं राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ने अपने सहज और आत्मीय अंदाज में कहा कि लोग उनसे कहते हैं कि अब वे रुद्रपुर से चुनाव लड़ें। इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, रुद्रपुर भी हमारा है, काशीपुर भी हमारा है, गदरपुर भी हमारा है, खटीमा भी हमारा है पूरा जिला ही हमारा है।उन्होंने कहा कि पूरा उत्तराखंड उनका परिवार है और राज्य की सभी 70 सीटों पर संगठन और कार्यकर्ता मिलकर चुनाव लड़ते हैं। कमल के फूल के साथ मैं भी मैदान में हूं, हम सब चुनाव लड़ने वाले हैं, मुख्यमंत्री ने खटीमा से अपने भावनात्मक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि चाहे वे वहां से चुनाव लड़ें या नहीं, वोट डालने के लिए उन्हें खटीमा अवश्य जाना होगा। इस दौरान उन्होंने सांसद अजय भट्टð की ओर संकेत करते हुए कहा कि बड़े भाई उन्हें उनके जन्मस्थान डीडीहाट से चुनाव लड़ने की सलाह देते हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि लक्ष्य पहले से अधिक सीटें जीतना है, ताकि विकास की गति और तेज हो सके। सभा के दौरान उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा और तालियों व नारों के बीच उनका स्वागत किया गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री के इस बयान ने क्षेत्रीय राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।
रुद्रपुर से मेरा पुराना लगावः धामी
शनिवार को सरस मेले के शुभारंभ के मौके पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रपुर शहर से अपने पुराने जुड़ाव और संघर्ष के दिनों की यादें साझा कर जनसमूह को रुद्रपुर के साथ अपनत्व का भी अहसास कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रुद्रपुर से उनका पुराना लगाव है, मुख्यमंत्री बनने से पहले भी उनका रुद्रपुर आना-जाना लगा रहता था। रुद्रपुर जिले का मुख्यालय होने के कारण वे यहां आते रहते थे और कार्यकर्ताओं और लोगों के बीच समय बिताते थे। सभा के दौरान उन्होंने अपने पुराने परिचित फ्स्तोगी जी राजमा-चावल वालेय् का उल्लेख किया। इस पर मेयर विकास शर्मा ने जनता के बीच मौजूद रस्तोगी जी को पहचान लिया और उन्हें मंच के सामने बुलवाया गया। मुख्यमंत्री ने उन्हें मंच पर आमंत्रित कर आत्मीय बातचीत की। मुख्यमंत्री धामी ने मुस्कुराते हुए कहा कि उनके साथ 20-25 साथी होते थे, इसलिए महंगे होटलों में जाना संभव नहीं होता था। क्योंकि जेब में ज्यादा पैसे नहीं होते थे। ऐसे में वे अक्सर रस्तोगी जी के यहां राजमा-चावल खाने पहुंच जाते थे। मैं अनगिनत बार इनके यहां राजमा-चावल खा चुका हूं। उन्होंने कहा कि रुद्रपुर की गली-गली से वे परिचित हैं और इस शहर की आत्मीयता से उनका विशेष लगाव रहा है। मुख्यमंत्री की इन स्मृतियों पर सभा स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के बीच बिताए गए संघर्ष के वही दिन आज उन्हें जनसेवा के लिए निरंतर प्रेरित करते हैं।
