कोटद्वार में दो दिवसीय बर्ड फैस्टिवल का मुख्यमंत्री धामी ने किया शुभारम्भ
श्री सिद्धबली हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चना
कोटद्वार। देवभूमि में पक्षियों की प्रजातियां विलुप्त होती जा रही हैं जिन्हें बचाने के लिए इनका संरक्षण करना जरूरी हो गया है। यह बात प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज कोटद्वार में आयोजित दो दिवसीय बर्ड फेस्टिवल का शुभारम्भ करने के पश्चात अपने सम्बोधन में कही । उन्होंने कहा कि यहां लगाई गई प्रदर्शनी में समूह की बहनों द्वारा स्टॉलों पर प्रदर्शित किये गये स्थानीय उत्पादों के देखकर काफी प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा स्थानीय उत्पादों की बहुराष्ट्रीय कम्पनियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। श्री धामी ने कहा कि देवभूमि में पूर्व में पक्षियों की कई प्रजातियां मौजूद थीं। परंतु धीरे-धीरे अब कई प्रजातियां लुप्त होती जा रही हैं। इनके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए भी कोई कसर नहीं छोड़ रही है। आज उन्होंने 320 करोड़ की 62 विकास योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया है। उन्होंने कहा प्रदेश में प्रति वर्ष हजारों की संख्या में साइबेरियन पक्षियों के साथ ही अन्य कई देशों के पक्षी आते है। जो हमारे जीवन के परिणीति तत्र को बढ़ावा देते है। उन्होने कहा कि वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा निरंतर कई प्रयास किये जा रहे है। साथ ही वन्य जीव और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी कार्य कियें जा रहे है। पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार में आज से शुरू हुए दो दिवसीय बर्ड फेस्टिवल को लेकर उत्साह का माहौल दिखाई दिया। लैंसडौन वन प्रभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से बर्ड वॉचिंग के शौकीन और प्रकृति प्रेमी बड़ी संख्या में पहुंचे। मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम से पूर्व प्रसिद्ध श्रीसिद्धबली हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। इसके बाद वे स्नेह क्षेत्र में आयोजित बर्ड फेस्टिवल स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने आयोजन का उद्घाटन किया और वन विभाग तथा जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। इससे पहले मुख्यमंत्री का क्षेत्रीय विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी, भाजपा जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल सहित पार्टी नेताओं और पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। बर्ड फेस्टिवल के तहत सुबह सात बजे से ही लैंसडौन वन प्रभाग के विभिन्न चिन्हित बर्ड वॉचिंग ट्रेल्स पर पक्षी प्रेमियों की आवाजाही शुरू हो गई। दूरबीन और कैमरों के साथ पहुंचे प्रतिभागी विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के दीदार कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, इस फेस्टिवल का उद्देश्य क्षेत्र की जैव विविधता को प्रदर्शित करना, पर्यटन को बढ़ावा देना और पक्षी संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना है। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा पक्षियों की पहचान, उनके व्यवहार और संरक्षण से जुड़े विषयों पर जानकारी दी जा रही है, वहीं युवाओं और छात्रें के लिए भी विशेष गतिविधियां आयोजित की गई हैं। स्थानीय प्रशासन को उम्मीद है कि इस तरह के आयोजनों से कोटद्वार और आसपास के क्षेत्रें में प्रकृति पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।दो दिनों तक चलने वाले इस बर्ड फेस्टिवल में आने वाले समय में कई और सत्र, प्रकृति भ्रमण कार्यक्रम और जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे, जिसमें देशभर से आए पक्षी प्रेमी सक्रिय भागीदारी करेंगे।
