February 11, 2026

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युवाओं के सुनहरे भविष्य का आधाार बनी धामी सरकार

देहरादून । उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का साढ़े चार साल का कार्यकाल प्रदेश के युवाओं के लिए खुशहाली और रोजगार के नए द्वार खोलने वाला साबित हुआ है। राज्य सरकार की प्रभावी नीतियों और रिक्त पदों को भरने के संकल्प के चलते अब तक साढ़े 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है। आंकड़ों के नजरिए से देखें तो मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में सरकार ने प्रति माह औसतन 518 युवाओं को सरकारी सेवा प्रदान कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सरकार की यह उपलब्धि न केवल युवाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही है, बल्कि प्रदेश के विकास में उनकी भागीदारी भी सुनिश्चित कर रही है। सरकारी भर्तियों में पूर्व में सक्रिय रहे नकल माफिया के कुचक्र को तोड़ने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फरवरी 2023 में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए देश का सबसे सख्त ‘नकल विरोधी कानून’ लागू किया। इस कानून के प्रभावी होने के बाद भर्ती परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता कायम हुई है, जिसका सीधा लाभ प्रदेश के मेधावी छात्रों को मिल रहा है। पूर्व में जिन भर्ती प्रक्रियाओं को पूरा होने में दो से तीन साल का लंबा समय लगता था, अब वे औसतन एक साल के भीतर ही संपन्न हो रही हैं। पारदर्शिता का ही परिणाम है कि अब प्रतिभाशाली युवा एक साथ कई विभागों की परीक्षाओं में चयनित हो रहे हैं, जिससे उनकी योग्यता का उचित सम्मान हो रहा है। 04 जुलाई 2021 को कार्यभार संभालने के बाद से अब तक मुख्यमंत्री का कार्यकाल 54 महीनों का हो चुका है। इस अवधि में लोक सेवा आयोग, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और चिकित्सा सेवा चयन आयोग के माध्यम से रिकॉर्ड संख्या में नियुक्तियां की गई हैं। सरकार का लक्ष्य आगामी एक वर्ष के भीतर विभिन्न आयोगों के माध्यम से और अधिक पदों पर भर्तियां संपन्न कराना है, जिससे सरकारी नौकरी पाने वाले युवाओं का यह आंकड़ा और भी अधिक विस्तृत होगा। धामी सरकार केवल प्रदेश के भीतर ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए गंभीर है। 9 नवंबर 2022 को शुरू की गई ‘मुख्य मंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना’ इस दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत युवाओं को आतिथ्य ;हॉस्पिटैलिटी, नर्सिंग और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय मानकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 154 युवाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 37 युवा वर्तमान में जापान जैसे विकसित देश में रोजगार प्राप्त कर देवभूमि का नाम रोशन कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त जर्मनी के लिए भी युवाओं को तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्पष्ट मत है कि सरकार युवाओं को केवल सरकारी नौकरी ही नहीं, बल्कि स्वरोजगार के लिए भी सक्षम बना रही है। सरकार की विभिन्न कौशल विकास योजनाओं और सब्सिडी आधारित ऋण योजनाओं के माध्यम से हजारों युवा आज दूसरों को रोजगार देने वाले ‘जॉब गिवर’ बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और उज्ज्वल बनाने के लिए ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ निरंतर कार्य कर रही है, ताकि उत्तरा खंड देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बन सके।

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