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‘क्राइम कैपिटल’ बनने की दिशा में अग्रसर ‘रुद्रपुर’ : एनकाउंटर स्पेशलिस्ट पुलिस कप्तान की मौजूदगी के बावजूद नगर में अपराधी बेखौफ

एक पखवाड़े के भीतर शहर में सातवीं बड़ी वारदात,अब वेंडिंग जोन के सामने युवक की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक छीना मोबाइल

रुद्रपुर। शहर में एक के बाद एक हो रही आपराधिक वारदातों को देखकर आजकल कुछ ऐसा लगने लगा है ,जैसे रुद्रपुर अब उत्तराखंड की क्राइम कैपिटल बनने की ओर बड़ी ही तेजी से अग्रसर है। नगर की कानून व्यवस्था का आलम इन दिनों कुछ ऐसा है कि शहर में अपराधियों को अब पुलिस और कानून का खौफ तनिक भी नहीं रह गया है।बेखौफ अपराधी शहर की सड़कों पर आए दिन किसी न किसी अपराधिक वारदात को अंजाम दे रहे हैं। चालू पखवाड़े में ही शहर में बंदूक बाजी, तलवारबाजी और हाईवे पर छिनैती जैसी सात वारदातें अंजाम दी जा चुकी हैं। खास बात तो यह है कि उपरोक्त सभी वारदातें नगर निगम की सीमा के अंतर्गत अंजाम दी गई है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब शहर के भीड़ भाड़ भरे इलाके की मुख्य सड़कों पर ही नागरिकों की सुरक्षा नहीं हो पा रही है, तो शहर के दूर दराज वाले इलाकों में नागरिकों की सुरक्षा की स्थिति कैसी होगी? यह स्थिति तब है ,जब उधम सिंह नगर जिले में एक ऐसे पुलिस कप्तान मौजूद है, जो अब एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में प्रतिष्ठित हो चुके हैं। सोशल मीडिया पर एकाद सप्ताह के भीतर ऐसे वीडियो या चित्र देखने को मिल ही जाते हैं ,जिसमें किसी शातिर अपराधी को घुटने के नीचे गोली लगी होती है और अपराधी अस्पताल के बेड पर लेटा जिले के पुलिस कप्तान से दोनों हाथ जोड़कर रहम की भीख मांग रहा होता है या फिर अपने गुनाह का पश्चाताप करता नजर आ रहा होता है। विशेष तथ्य तो यह है कि तकरीबन साल डेढ़ साल के भीतर ही उधम नगर उधम सिंह नगर जिले की पुलिस, वर्तमान पुलिस कप्तान के मार्गदर्शन में लगभग तीन दर्जन से अधिक एनकाउंटर कर चुकी है। अभी हाल में ही शहर की काबिल पुलिस छात्र संघ चुनाव की नामांकन रैली में हुई गोलीबारी के एक आरोपी का इनकाउंटर करके हटी है ।बावजूद इसके अपराधियों में पुलिस और कानून का खौफ तनिक कम ही नजर आता है। शहर में हाल फिलहाल हुई अपराधिक घटनाओं पर दृष्टिपात करें ,तो संपन्न छात्र संघ चुनाव के प्रचार के दौरान ही चुनावी रंजिश के चलते एक छात्र को गोली मार दी गई थी ।उसके बाद छात्र संघ चुनाव की नामांकन रैली में भी जमकर बंदूक बाजी हुई थी। उसके कुछ दिन बाद ही गाबा चौक में भी सरेआम गोली चालन की घटना कारित की गई । इसके अलावा विगत दिनों रोडवेज स्थित नगर के प्राचीन एवं ऐतिहासिक रामलीला मैदान के सामने आधी रात को हुई दो गुटों की भिड़ंत के दौरान भी खुलेआम फायरिंग और तलवारबाजी की वारदात अंजाम दी गई थी। इसके अतिरिक्त चालू सप्ताह में ही नगर के भीतर छिनैती की तीन वारदातें सामने आई हैं, जिसमें ट्रांसिट कैंप मार्केट में महिला का मंगलसूत्र छीनने, विशाल मेगा मार्ट के आगे एचपी पेट्रोल पंप के पास लक्ष्मी नामक युवती का मोबाइल झपटने तथा बीती रात वेंडिंग जोन के सामने एक युवक की आंखों में मिर्ची का पाउडर डालकर, युवक का मोबाइल सरेआम छीनने जैसी गंभीर वारदात विशेष रूप से उल्लेखनीय है। यहां मोबाइल छीनने की घटना को गंभीर वारदात इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि मोबाइल छिनैती की उपरोक्त घटनाएं नेशनल हाईवे पर सरेराह अंजाम दी गई हैं और हाईवे पर अंजाम दी गई कोई भी आपराधिक घटना कानूनन गंभीर अपराध की श्रेणी में ही सम्मिलित होती है हाईवे पर किए गए अपराध के लिए कानून की धाराएं भी संगीन हैं और सजा भी। हालांकि मोबाइल छिनैती की घटना रुद्रपुर पुलिस की नजर में कोई बड़ा अपराध नहीं है ।पीड़ित का मोबाइल चाहे कितना भी कीमती क्यों ना हो? लेकिन मोबाइल छिनैती के ज्यादातर मामलों में पुलिस कोई मामला पंजीकृत ही नहीं करती और पीड़ित को मौिखक आश्वासन देकर ही पुलिस स्टेशन अथवा चौकी से टरका दिया जाता है। वैसे, देखा जाए तो मोबाइल छिनैती के मामले दर्ज न करने के पीछे पुलिस महकमे की कुछ अपनी ही मजबूरियां हैं ,क्योंकि शहर के किसी न किसी हिस्से में मोबाइल छिनैती की कोई ना कोई वारदात तकरीबन रोज ही होती है और अगर मोबाइल छिनैती की हर वारदात का मामला दर्ज किया गया, तो जिले में अपराध का ग्राफ न जाने कहां से कहां पहुंच जाएगा। हालांकि पुलिस द्वारा समय-समय पर अन्य अपराधों के आरोपियों के साथ-साथ मोबाइल चोरों को भी पकड़ा जाता है और लोगों के छीने हुए मोबाइल वापस भी किए जाते हैं, लेकिन मोबाइल छीने जाने पर पीड़ित की शिकायत दर्ज न होने की स्थिति में, पीड़ित का विश्वास पुलिस और कानून से उठने-सा लगता है। देखा जाए तो सारा खेल तो भरोसे का ही है। पुलिस जनता की सुरक्षा करे या ना करें, पर जनता को आमतौर पर यह भरोसा तो रहता ही है कि अगर उस पर कभी कोई संकट आया, तो पुलिस और कानून जनता की सुरक्षा के लिए खड़ा रहेगा। लिहाजा पुलिस की कार्यप्रणाली कुछ ऐसी होनी चाहिए, जिससे आम लोगों का कानून और पुलिस पर भरोसा बना रहे, मगर इन दिनों शहर में बेखौफ अपराधियों का आए दिन जो तांडव हो रहा है, वह पुलिस पर आम लोगों के भरोसे को कमजोर करने वाला है । वह इसलिए ,क्योंकि नगर में अब अपराधियों द्वारा भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी राह चलते लोगों को शिकार बनाया जा रहा है।

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