पीआरडी जवानों को सड़ा भोजन देने की पुष्टि के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई
रुद्रपुर। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी की तैयारियों के लिए डड्ढूटी और रिहर्सल में आए पीआरडी जवानों को सड़ा और बदबूदार भोजन परोसे जाने के मामले में चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है। हैरानी की बात यह है कि जब खुद जिम्मेदार अधिकारियों ने खराब भोजन की पुष्टि कर दी, तब भी किसी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।पीआरडी जवानों के हंगामे के बाद दीपक कुमार, टोली प्रमुख ने स्वयं स्वीकार किया कि चावलों से बदबू आ रही थी और वे खराब थे। इसके बाद अधिकारी हृदेश कुमार ने भी यह माना कि जवानों को पुराने चावल खिला दिए गए थे, जिनसे तेज दुर्गंध आ रही थी। यानी मामला दोनों जिम्मेदार अधिकारियों के संज्ञान में पूरी तरह था।इसके बावजूद न तो रसोईया के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई और न ही भोजन की आपूर्ति से जुड़े ठेकेदार या जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई जिम्मेदारी तय की गई। केवल खाना दोबारा बनवाकर मामला शांत कराने की कोशिश की गई, जो इस गंभीर लापरवाही को हल्के में लेने जैसा माना जा रहा है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब खराब और बदबूदार भोजन दिए जाने की पुष्टि खुद अधिकारियों ने कर दी थी, तो फिर उच्च अधिकारियों ने अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? यह लापरवाही ऐसे समय में सामने आई है जब जवान राष्ट्रीय पर्व की सुरक्षा और व्यवस्थाओं में तैनात हैं।यह पूरा मामला उधम सिंह नगर के जिला मुख्यालय पर सामने आया, जहां प्रशासनिक निगरानी सबसे मजबूत मानी जाती है। ऐसे में बिना किसी कार्रवाई के मामला दबा देना न केवल जवानों की सेहत से खिलवाड़ है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।पीआरडी जवानों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी जवान की जान या सेहत के साथ ऐसा खिलवाड़ न हो।
