February 16, 2026

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राजभवन कूच कर कांग्रेसियों ने फूंका ध्वस्त कानून व्यवस्था, घोटालों , बेरोजगारी, महंगाई के खिलाफ बिगुल

भाजपा सरकार ने शहर से कांग्रेस के पोस्टर और बैनर हटवा दिए : हरीश रावत
देहरादून (उद संवाददाता)। प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को हजारों कांग्रेसियों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। राजभवन (लोकभवन) कूच के दौरान कांग्रेसियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया। प्रदेश भर से जुटे हजारों कार्यकर्ता सोमवार सुबह परेड ग्राउंड में एकत्र हुए, जहाँ से ढोल- दमाऊ की थाप के साथ राजभवन की ओर कूच शुरू किया गया। इस विशाल प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रीतम सिंह, हरक सिंह रावत और यशपाल आर्य सहित पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता शामिल हुए। साथ ही अिखल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव व सांसद कुमारी सैलजा एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने भी शिरकत कर कार्यकर्ताओं में जोश भरा। राजभवन कूच से पूर्व परेड ग्राउंड में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए पार्टी नेताओं ने इस प्रदर्शन को सरकार विरोधी 90 दिनों के अभियान का पहला बड़ा पड़ाव करार दिया। कांग्रेस ने उत्तराखंड में ध्वस्त कानून व्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी, बेतहाशा महंगाई, महिला सुरक्षा, भ्रष्टाचार और खनन व भू- माफियाओं के बढ़ते प्रभाव जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसे सरकार की नीतियों के खिलाफ हल्ला बोल बताते हुए कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजभवन कूच के डर से घबराई भाजपा सरकार ने शहर से कांग्रेस के पोस्टर और बैनर हटवा दिए हैं। रावत ने कड़े शब्दों में कहा कि केंद्र हो या प्रदेश, दोनों ही सरकारें जनभावनाओं के विपरीत कार्य कर रही हैं और धामी सरकार आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। उन्होंने कहा कि आज महंगाई चरम पर है, महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं, जंगली जानवरों के आतंक से गांव खाली हो रहे हैं और पलायन की स्थिति भयावह हो चुकी है, जिसके विरोध में आज कांग्रेस सड़क पर है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा सरकार पर वादािखलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के समय भय और भ्रष्टाचार मुक्त शासन का वायदा किया गया था, लेकिन आज प्रदेश में इसके ठीक उलट माहौल बन गया है। उन्होंने सरकार पर अपराध और तानाशाही को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। गोदियाल ने कहा कि जब जनता की कहीं सुनवाई नहीं हो रही, तब कांग्रेस को विवश होकर राजभवन का घेराव कर राज्यपाल को ज्ञापन देना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि दमनकारी नीतियां और तानाशाही रवैया बंद किया जाए, अन्यथा कांग्रेस का यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण करेगा। इस दौरान भारी संख्या में महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे, जिन्होंने सरकार के खिलाफ हुंकार भरी।
आखिर क्यों उतारे हमारे बैनर पोस्टर?
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने प्रशासन पर सड़कों के किनारे लगाये गये कांग्रेस के बैनर पोस्टकर फाड़कर जबत करने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड की जनता के सवालों से धामी सरकार डर रही है हमने राजभवन घेराव इसलिए रखा क्योंकि प्रदेश में महिला अपराध बढ़ रहे हैं, कानून व्यवस्था चरमराई हुई है, भर्ती घोटालों से युवा त्रस्त हैं।लेकिन कार्यक्रम से पहले ही हमारे बैनर-पोस्टर हटवाकर लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया जा रहा है।जब सत्ता पक्ष कार्यक्रम करता है तो प्रशासन मौन रहता है, लेकिन विपक्ष की आवाज उठते ही मशीनरी सक्रिय हो जाती है। यह लोकतंत्र नहीं, यह पक्षपात है।”
 

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