कांग्रेस ने किया खुलासा: स्वास्थ्य विभाग ने किया चिकित्सा उपकरणों की खरीद में करोड़ों का घोटाला
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से की मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग
देहरादून(उद संवाददाता)। उत्तराखंड कांग्रेस ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए चिकित्सा उप करणों की खरीद में करोड़ों रुपये के घोटाले का दावा किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि नियमों की अनदेखी करते हुए विभाग ने भारी भरकम कीमतों पर उपकरण खरीदे, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपय े का चूना लगाया गया है। राजपुर रोड स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान करन माहरा ने बताया कि खून जांचने में उपयोग होने वाले वेन फाइंडर नामक उपकरण की बाजार कीमत महज 50 हजार रुपये है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने इसे 5 लाख रुपये प्रति उपकरण की दर से खरीदा। उन्होंने दावा किया कि इस एक उपकरण की खरीद पर ही विभाग ने करीब 5 करोड़ रुपये खर्च कर दिए। माहरा ने कहा कि यही नहीं, विभाग ने सीटी स्कैन मशीन के लिए 60 करोड़ रुपये की लागत से चीन से खरीद की, जबकि एक भारतीय कंपनी ने इससे कहीं कम कीमत पर निविदा दी थी, जिसे जानबूझकर नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने नैनीताल सांसद अजय भट्ट के एक पत्र का हवाला देते हुए कहा कि हल्द्वानी के सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में 9 करोड़ रुपये की लागत से बन रही कैथ लैब का कार्य न केवल वर्षों की देरी से शुरू हुआ, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता इतनी खराब है कि भवन से इमरजेंसी वार्ड तक पानी टपकने लगा है। माहरा ने कहा कि जब खुद सत्तारूढ़ दल के सांसद अपनी ही सरकार के खिलाफ सवाल उठा रहे हैं, तो स्थिति की गंभीरता समझी जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग एम्स ऋषिकेश से उपकरण खरीद की एनओसी लेकर प्रक्रिया को वैध ठहराने का प्रयास कर रहा है, जबकि एम्स की कार्यप्रणाली पहले से ही सवालों के घेरे में है। कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की और कहा कि दूध का दूध और पानी का पानी होना बेहद जरूरी है। पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने खुलासा किया कि दो वर्ष पूर्व बदरीनाथ और केदारनाथ में बनाए जाने वाले अस्पतालों के लिए करीब साढ़े नौ करोड़ रुपये के जो चिकित्सा उपकरण खरीदे गए थे, वे आज तक इस्तेमाल में नहीं लाए गए और अब गोदामों में जंग खा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि आिखर बिना उपयोग के इतने महंगे उपकरण क्यों और किसके कहने पर खरीदे गए? गोदियाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ही नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा, स्कूली शिक्षा और सहकारिता विभागों में भी तबादलों को लेकर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं, जिसकी जांच होनी चाहिए। इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष (संगठन) सूर्यकांत धस्माना भी मौजूद थे। कांग्रेस नेताओं ने उत्तरकाशी में एक पत्रकार की संदिग्ध मौत के मामले की निष्पक्ष जांच की भी मांग उठाई।
